मंत्रीजी से नहीं बनी तो 7 महीने में ट्रांसफर! IAS किंजल सिंह की तबादले की इनसाइ़ड स्टोरी
IAS किंजल सिंह को सिर्फ 7 महीने के अंदर परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बना दिया गया है. प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि किंजल सिंह को हटाने का सबसे बड़ा कारण परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ तालमेल की कमी था. सूत्र बताते हैं, "विभागीय कामकाज को लेकर असंतोष था. मंत्री और आयुक्त के बीच कई अहम फैसलों पर मतभेद उभरे थे.
महज सात महीने में परिवहन आयुक्त पद से साइडलाइन! यह कहानी है 2008 बैच की आईएएस अधिकारी किंजल सिंह की, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में रविवार देर रात माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बना दिया गया. उनकी जगह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे 2010 बैच के आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त बनाया गया. लेकिन असली कहानी शीर्ष स्तर पर छिपे टकराव की है.
क्या दयाशंकर सिंह से तालमेल की कमी बनी ट्रांसफर की वजह
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि किंजल सिंह को हटाने का सबसे बड़ा कारण परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ तालमेल की कमी था. सूत्र बताते हैं, “विभागीय कामकाज को लेकर असंतोष था. मंत्री और आयुक्त के बीच कई अहम फैसलों पर मतभेद उभरे.”
क्यों बढ़ा था दयाशंकर और किंजल सिंह में टकराव?
किंजल सिंह परिवहन आयुक्त बनीं तो 16 सितंबर 2025 को. तब से लेकर अब तक उन्होंने ओवरलोडिंग पर सख्ती बरती. कई पीटीओ (परिवहन अधिकारी) और कर्मचारियों को निलंबित किया, जिन पर ओवरलोडिंग रैकेट में शामिल होने के आरोप थे.कुछ फैसलों में मंत्री के इशारे पर न चल पाने या अपने स्तर पर तेजी से एक्शन लेने के कारण टकराव बढ़ा.
मंत्री दयाशंकर सिंह परिवहन विभाग में ‘ओवरलोडिंग पर लगाम’ लगाने का दावा करते आए हैं. लेकिन जब आयुक्त स्तर पर बिना ‘समन्वय’ के बड़े-बड़े सस्पेंशन हुए, तो दोनों के बीच अनबन की बात सामने आई.प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने से पहले किसी बड़े विवाद से बचने के लिए भी यह बदलाव किया गया.
कौन हैं किंजल सिंह?
बलिया जिले की रहने वाली किंजल सिंह UP कैडर की मशहूर महिला आईएएस हैं. उन्होंने बहरीच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और अयोध्या जैसे जिलों में डीएम के रूप में काम किया. चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक रह चुकी हैं. जब उन्हें इतनी महत्वपूर्ण पोस्ट से साइडलाइन पोस्टिंग माध्यमिक शिक्षा सचिव मिली है.
मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ उनकी पर्सनल-प्रोफेशनल केमिस्ट्री नहीं बनी. ऐसे में माध्यमिक शिक्षा सचिव पद को शासन में ‘साइडलाइन’ माना जा रहा है. वहीं दूसरे सूत्रों का कहना है कि यह सामान्य प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, लेकिन 7 महीने का छोटा कार्यकाल और मंत्री से टकराव की खबरें इसे चर्चा का विषय बना रही हैं.
