KGMU में मजारों पर चलेगा बुलडोजर! वायरल खबरों पर प्रवक्ता ने दी सफाई, जानें क्या है मामला

लखनऊ के KGMU में मजारों को लेकर जारी विवाद पर प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने सफाई दी है. उन्होंने बताया कि सिर्फ चार मजारों को नोटिस जारी किया गया है, न कि सभी को. कैंपस में अवैध निर्माणों से यातायात और पार्किंग में दिक्कतें आ रही थीं. इसी के साथ उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के नाम बदलने का फैसला सरकार का था.

केजीएमयू में मजार Image Credit:

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू में बनी मजारों को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. इस संबंध में तरह तरह की भ्रामक खबरें सामने आने के बाद केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने स्थिति साफ करने की कोशिश की है. उन्होंने बयान जारी कर कहा कि केजीएमयू में मौजूद समीना शाह साहब और हरमैन साहब की दरगाह को कोई नोटिस नहीं दिया गया है.

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक बीते 40 साल में कैंपस के अंदर तीन मजारें बनी हैं. वहीं केजीएमयू प्रशासन की ओर से कुल चार मजारों को नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल से कैंपस में तेजी से बढ़ती मजारों का सर्वे कराया गया है. इस सर्वे में सामने आए तथ्यों के आधार पर चार मजारों को चिन्हित करते हुए उन्हें नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है.

सरकार ने बदला नाम

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक यूनिवसिर्टी के नाम बदलने का फैसला यूनिवर्सिटी प्रबंधन का नहीं है. बल्कि इस संबंध में प्रस्ताव सरकार विधानसभा और विधान परिषद में लेकर आई थी. इस संबंध पूरा फैसला सरकार ने लिया है. उन्होंने साफ तौर पर यूनिवर्सिटी के संबंध में सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबरों का खंडन किया है. उन्होंने लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि इस तरह की खबरें तथ्यहीन हैं.

क्या है विवाद

दरअसल केजीएमयू में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग एवं कई संगठनों ने केजीएमयू कैंपस में मौजूद मजारों को लेकर सवाल उठाया था. इन संगठनों ने आरोप लगाया था कि पिछले साल पुलिस की मदद से कुछ मजारों को गिराया गया था, लेकिन फिर से अवैध निर्माण कर लिया गया. इसके बाद केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने साफ किया था कि कैंपस में कोई भी अवैध धार्मिक ढांचा नहीं रहने दिया जाएगा.

क्या है दिक्कत

केजीएमयू प्रवक्ता के मुताबिक अवैध रूप से कैंपस में बने इन मजारों की वजह से काफी परेशानी हो रही थी. रास्ते अवरुद्ध होने की वजह से एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी. इन मजारों की वजह से कैंपस में पार्किंग की भी समस्या खड़ी हो गई है. इन समस्याओं को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए कहा था कि यदि प्रशासन इन मजारों को हटाएगा तो इसका पूरा खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूल किया जाएगा.