दाहिनी आंख में थी दिक्कत, बाईं का कर दिया इलाज… फिर लिख दी बाहर की दवाएं…KGMU में गजब कारनामा
केजीएमयू से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. यहां मरीज को दाहिनी आंख में दिक्कत थी, लेकिन जांच बाईं आंख की कर दी गई. साथ ही ये भी कहा कि यहां आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलता, आपको दवाएं बाहर से लेनी होगी.
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी केजीएमयू से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मरीज के पति ने दावा किया कि उनकी पत्नी की समस्या दाहिनी आंख में थी लेकिन विभाग ने बाईं आंख की जांच कर दी.फिर डॉक्टर ने तकरीबन 18 दवाएं भी लिख दी.
गणेश ने बताया कि उनकी पत्नी को दाईं आंख में समस्या थी, लेकिन नेत्र विभाग में बाईं आंख की जांच की गई. डॉक्टर से इस बारे में बताया तो उन्होंने कहा, “रिपोर्ट भले ही गलत हो, लेकिन ऑपरेशन सही आंख का ही होगा.” फिर उन्होंने दवा लिखकर स्टाफ को फाइल तैयार करने के निर्देश दे दिए गए.
कर्मचारी ने कहा- यहां आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलता
गणेश का कहना है कि उनके पास प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का कार्ड था. उन्होंने डॉक्टर से मुफ्त इलाज की मांग की. इतने में वहां मौजूद कर्मचारी भड़क उठा. उसने साफ कहा कि “यहां आयुष्मान का लाभ नहीं मिलता. लेंस और सामान बाहर से ही लाना पड़ेगा. स्टाफ ने तुरंत एक खास मेडिकल स्टोर का नाम लिखकर पर्ची थमा दी.”
दवाओं की कुल कीमत 15 हजार रुपये
गणेश ने बताया कि घर लौटकर वह डॉक्टर की लिखी करीब 18 दवाओं की पर्ची लेकर कर्मचारी के बताए मेडिकल स्टोर पर गए. स्टोर संचालक ने बताया कि लेंस के 5200 रुपये सहित कुल सामान की कीमत लगभग 15 हजार रुपये आएगी और भुगतान नगद ही करना होगा. इतने पैसे न होने पर वह खाली हाथ घर लौट आए.
फाइल जमा कराने के लिए आने लगे लगातार कॉल
पीड़ित का आरोप है कि फाइल लेकर घर आने के कुछ घंटे बाद ही बार-बार फोन आने लगे. स्टाफ ने रात करीब 11 बजे फाइल तुरंत नेत्र विभाग में जमा करने का दबाव बनाया. परेशान होकर गणेश रात में ही अस्पताल पहुंचे और फाइल जमा कर दिया.डर के मारे गणेश ने पत्नी का इलाज दूसरे अस्पताल में कराने का फैसला कर लिया.
केजीएमयू के प्रवक्ता ने कहा- मरीज को मिलेगा इंसाफ
लेकिन जब उन्होंने बलरामपुर के एक डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने सलाह दी कि ऑपरेशन केजीएमयू में ही कराएं. बलरामपुर के डॉक्टर ने मरीज की बाईं आंख ठीक बताई और दाईं आंख में समस्या की पुष्टि की. इस पूरे मामले पर केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने कहा कि आंखों की जांच में हुई गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी. मरीज को बाजार से दवा लिखने के मामले की भी अलग से जांच होगी. मरीज को पूरा इंसाफ मिलेगा.
ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ चार्जशीट का दिया था आदेश
तीन दिन पहले केजीएमयू की कार्य परिषद की बैठक में बाहर की दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के आदेश दिए गए थे. इसके बावजूद संस्थान के नेत्र रोग विभाग लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही है. इससे आयुष्मान योजना जैसे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले गरीब मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.