पहले धर्मांतरण, अब महिला रेजीडेंट डॉक्टर से अश्लीलता; KGMU में असिस्टेंट प्रोफेसर सस्पेंड
लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण विवाद के बाद अब एक और शर्मनाक घटना सामने आई है. एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप है. शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर को तत्काल सस्पेंड कर दिया है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 7 सदस्यीय विशाखा कमेटी गठित की है. पीड़िता के बयान दर्ज किए गए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केजीएमयू में धर्मांतरण का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि अब यहां नया विवाद शुरू हो गया है. इस बार केजीएमयू के असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा रेजीडेंट डॉक्टर के साथ अश्लीलता का मामला सामने आया है. मामला तूल पकड़ते देख केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है. केजीएमयू के बाल रोग विभाग में तैनात पीड़िता ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़ और अभद्रता करने का आरोप लगाया है.
इस संबंध में केजीमयू प्रवक्ता डॉ . केके सिंह ने संस्थान का पक्ष रखते हुए कार्रवाई की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि यह बहुत ही शर्मनाक घटना है. इसकी जांच कराई जा रही है. जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि यहां बाल रोग विभाग में तैनात रेजीडेंट डॉक्टर ने शिकायत दी है. उन्होंने इस शिकायत में यहां तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर छेड़छाड़ करने और विरोध करने पर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं.
7 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अक्सर उन्हें अश्लील मैसेज और फोटो-वीडियो भेजता था. इस संबंध में पीड़िता ने केजीएमओ में बने फोरम में शिकायत दी थी. इस शिकायत के आधार पर केजीएमयू की सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इसी क्रम में केजीएमयू ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को सस्पेंड करते हुए जांच को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की कोशिश की है. उन्हें अब डीन मेडिमेडिसिन कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.
पीड़िता ने दर्ज कराए बयान
केजीएमयू की विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है. इसी क्रम में कमेटी ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर से भी पूछताछ की है केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि जल्द ही पूरा सच सबके सामने आ जाएगा. इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी. केजीएमयू में छेड़छाड़ का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले धर्मांतरण तक के विवाद में इसका नाम आ चुका है.
