250 दुकान, 75 फ्लैट… लखनऊ में पुराने कॉम्प्लेक्स होंगे ध्वस्त, बनेंगी हाईराइज इमारतें
लखनऊ में दशकों पुराने और जर्जर हो चुके कमर्शियल कॉम्प्लेक्स अब आधुनिक स्वरूप में नजर आएंगे. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के कई पुराने बाजारों और व्यावसायिक परिसरों के रीडेवलपमेंट की योजना तैयार की है. इसकी शुरुआत इंदिरा नगर के कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स से होगी, जहां 110 करोड़ रुपये की लागत से 13 मंजिला आधुनिक भवन बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में दुकानों, कार्यालयों और आवासीय फ्लैटों की सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी.
लखनऊ में अब दशकों पुराने और जर्जर हो चुके कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों की तस्वीर बदलने जा रही है. लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA ने शहर के कई पुराने बाजारों और व्यावसायिक परिसरों के पुनर्विकास का ब्लूप्रिंट तैयार किया है. इस योजना के तहत इंदिरा नगर के कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स समेत अलीगंज और गोमती नगर के कई पुराने परिसरों को गिराकर आधुनिक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे. इसमें 250 दुकान के साथ कई फ्लैट भी बनाए जाएंगे.
दरअसल, लखनऊ के कई कमर्शियल कॉम्प्लेक्स 35 से 40 साल पुराने हो चुके हैं. समय के साथ इनकी संरचना कमजोर हो गई है. कई जगह प्लास्टर झड़ रहा है, खंभों में दरारें आ गई हैं और पार्किंग क्षेत्र अतिक्रमण की चपेट में हैं. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए LDA ने बड़े पैमाने पर रीडेवलपमेंट अभियान शुरू किया है. सबसे पहले इंदिरा नगर स्थित कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स को चुना गया है, जहां पुराने ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर नई आधुनिक इमारत बनाई जाएगी.
110 करोड़ रुपये की लागत से 13 मंजिला आधुनिक भवन
LDA के प्रस्ताव के अनुसार, कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स की जगह करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से 13 मंजिला आधुनिक भवन बनाया जाएगा. करीब 45 मीटर ऊंची इस इमारत के निचले हिस्से में दुकानें और ऑफिस होंगे जबकि ऊपरी मंजिलों पर आधुनिक फ्लैट विकसित किए जाएंगे. यह प्रोजेक्ट मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट मॉडल पर आधारित होगा, जहां व्यापार और आवास दोनों की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी.
100 वर्गफुट की जगह 125 वर्गफुट दिया जाएगा
रीडेवलपमेंट योजना को लेकर दुकानदारों की सबसे बड़ी चिंता अपनी दुकानों को लेकर थी, लेकिन LDA ने साफ किया है कि सभी वैध आवंटियों को नई इमारत में उनकी वर्तमान दुकान से 25 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल दिया जाएगा. यानी यदि किसी दुकानदार के पास 100 वर्गफुट की दुकान है तो नई बिल्डिंग में उसे 125 वर्गफुट तक का स्पेस मिलेगा. इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र भी मिलेगा.
सारे जर्जर कॉम्प्लेक्स का होगा रीडेवलपमेंट
LDA ने अलीगंज, गोमती नगर, विनय खंड, नेहरू एनक्लेव और प्रियदर्शिनी कॉलोनी समेत कई पुराने परिसरों की पहचान की है. इनमें से कई इमारतें संरचनात्मक रूप से कमजोर मानी जा रही हैं और भविष्य में सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकती हैं. ऐसे में चरणबद्ध तरीके से इन परिसरों का भी पुनर्विकास किया जाएगा. LDA का मानना है कि पुराने कॉम्प्लेक्सों के पुनर्विकास से शहर को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा.
72 प्रीमियम 3-BHK फ्लैट भी बनेंगे
कैलाशकुंज के बाद अब अलीगंज के सेक्टर-जी स्थित पुराने कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की बारी है. करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैले इस परिसर में वर्तमान में लगभग 100 दुकानें संचालित हैं. एलडीए यहां 14 मंजिला आधुनिक कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल टावर बनाने की तैयारी कर रहा है. प्रस्तावित परियोजना के तहत यहां 250 आधुनिक दुकानें विकसित की जाएंगी. इसके अलावा 72 प्रीमियम 3-BHK फ्लैट भी बनाए जाएंगे.
पुराने उजाला कॉम्प्लेक्स का भी होगा रीडेवलपमेंट
इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि शहर के बीचोंबीच आधुनिक आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. एलडीए की नजर अब गोमती नगर के पुराने उजाला कॉम्प्लेक्स पर भी है. प्राधिकरण इस परिसर को भी आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी कर रहा है. योजना के तहत यहां बेहतर पार्किंग, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, लिफ्ट, हरित क्षेत्र और नई व्यापारिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
