नेता हों या अफसर… सब चाहते हैं लखनऊ के इस अपार्टमेंट में फ्लैट, आप भी खरीद सकते हैं
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित एलडीए की नर्मदा अपार्टमेंट योजना इन दिनों चर्चा में है. करीब 300 लग्जरी फ्लैट और 12 पेंटहाउस वाली इस परियोजना में विधायक, पूर्व विधायक, आईएएस-आईपीएस और वरिष्ठ अधिकारियों की खास दिलचस्पी देखने को मिली. सवा करोड़ रुपये से शुरू होने वाली इस योजना में कुछ परिवारों को दोहरे आवंटन मिलने पर एलडीए ने 12 आवंटन रद्द कर दिए हैं. अब ये फ्लैट आम लोगों के लिए दोबारा उपलब्ध हैं.
अगर आप राजधानी लखनऊ में ऐसा फ्लैट खरीदने का सपना देख रहे हैं, जहां आपके पड़ोसी विधायक, पूर्व विधायक, आईएएस-आईपीएस अधिकारी और बड़े सरकारी अफसर हों, तो यह मौका आपके लिए भी है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की लग्जरी नर्मदा अपार्टमेंट योजना इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है. इसकी वजह सिर्फ इसकी आलीशान सुविधाएं नहीं, बल्कि यह भी है कि इस योजना में नेताओं और अफसरों की जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली है.
दरअसल, गोमती नगर विस्तार की जी-20 रोड पर एलडीए की ओर से विकसित की जा रही इस हाई-एंड हाउसिंग परियोजना में करीब 300 लग्जरी फ्लैट और 12 पेंटहाउस बनाए जा रहे हैं. फ्लैटों की कीमत सवा करोड़ रुपये से शुरू होकर लगभग दो करोड़ रुपये तक पहुंच रही है. इसके बावजूद इनकी मांग इतनी अधिक रही कि कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ‘लॉटरी’ लग गई. अब एलडीए ने कुछ आवंटन निरस्त करके आम लोगों के लिए भी दोबारा मौका दिया है.
क्या है नर्मदा अपार्टमेंट योजना?
एलडीए ने इस साल की शुरुआत में नर्मदा अपार्टमेंट योजना लॉन्च की थी. परियोजना के तहत: 300 लग्जरी 3BHK + सर्वेंट रूम फ्लैट और 12 प्रीमियम पेंटहाउस बनने हैं. यह अपार्टमेंट गोमती नगर विस्तार की प्राइम लोकेशन में हैं, जिसकी जी-20 रोड के पास शानदार कनेक्टिविटी है. फ्लैट की बेस प्राइस 1.41 करोड़ रुपये तय की गई है. रजिस्ट्री, फ्रीहोल्ड और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद इसकी कुल लागत करीब 1.75 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.
नेताओं और अफसरों की क्यों लगी कतार?
वहीं पेंटहाउस की बेस कीमत 2.80 करोड़ रुपये है, जो सभी शुल्क मिलाकर लगभग 3.25 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है. योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई मौजूदा और पूर्व विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और एलडीए के अधिकारी भी इसमें आवंटन पाने में सफल रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 40 फ्लैट नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आवंटित हुए हैं. इनमें कई विधायक और पूर्व विधायक शामिल हैं.
अब आम लोगों को भी मौका
वहीं एलडीए के कुछ अधिकारियों को भी लॉटरी के जरिए फ्लैट मिले हैं. दिलचस्प बात यह है कि जांच में पता चला कि 12 परिवारों को दोहरे आवंटन हो गए थे. इनमें 11 पति-पत्नी और एक अविवाहित भाई-बहन के नाम फ्लैट आवंटित हुए थे. एलडीए ने रिश्तों की जांच कर इन आवंटनों को निरस्त कर दिया. अब ये फ्लैट दोबारा उपलब्ध कराए गए हैं.
क्यों खास मानी जा रही है यह परियोजना?
आम नागरिक एलडीए की वेबसाइट के जरिए इनके लिए आवेदन कर सकते हैं. यानी जो मौका पहले नेताओं और अफसरों तक सीमित दिख रहा था, अब वह आम खरीदारों के लिए भी खुल गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि गोमती नगर विस्तार लखनऊ का सबसे तेजी से विकसित होने वाला इलाका बन चुका है. बेहतर सड़क नेटवर्क, जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-एंड आवासीय परियोजनाएं और भविष्य की कनेक्टिविटी इसे प्रीमियम निवेश का केंद्र बना रही हैं.
