4 महीने पहले पिता ने छिपाई थी बेटे की जेवर चोरी की करतूत, अब उसी ने उतार दिया मौत के घाट

लखनऊ में एक बेटे ने अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया. इस मामले में अब एक और खुलासा हुआ है. दरअसल, चार महीने पहले मानवेंद्र के घर से कीमती जेवर चोरी हुए थे. उन्होंने कामवाली पर शक जताकर थाने में इसकी रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन बाद में पता चला कि चोरी बेटे ने ही की थी. बेटे की करतूत छिपाने के लिए पिता ने शिकायत वापस ले ली थी.

लखनऊ में बेटे ने की थी पिता की हत्या Image Credit:

लखनऊ के आशियाना इलाके में सेक्टर एल-91 में 20 फरवरी की सुबह 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने अपने शराब व पैथोलॉजी कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी. कहा जा रहा है मानवेंद्र अक्षत पर नीट की तैयारी करने का दबाव डाल रहे थे. इससे नाराज होकर बेटे अक्षत ने इस दिल दहलाने वाले घटना को अंजाम दिया और अपने ही बाप का कातिल बन बैठा.

हत्या के बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर आरी से काटा, हाथ-पैर सदरौना जंगल में फेंके और धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया. छोटी बहन कृति को जान से मारने की धमकी देकर चार दिन घर में बंद रखा. खुद गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाकर सबको गुमराह किया, लेकिन पड़ोसियों की CCTV छानबीन और घर से आ रही बदबू ने सारा खेल खोल दिया.

पढ़ाई को लेकर पिता-पुत्र में बार-बार होती थी बहस

अक्षत टीएस मिश्रा कॉलेज में बीकॉम/बीबीए की पढ़ाई कर रहा था. लामार्ट स्कूल से बायोलॉजी में 12वीं की परीक्षा पास की थी. एक कोचिंग से NEET की तैयारी की, दो बार परीक्षा दी लेकिन सफल नहीं हुआ. पिता लगातार दबाव बनाते थे. पढ़ाई करो, वरना कुछ नहीं बनेगा. घर में कई बार लड़ाई हो चुकी थी.

4 महीने पहले मानवेंद्र के घर से जेवर हुए थे चोरी

चार महीने पहले मानवेंद्र के घर से कीमती जेवर चोरी हुए थे. उन्होंने कामवाली पर शक जताकर थाने में इसकी रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन बाद में पता चला कि चोरी बेटे ने ही की थी. बेटे की करतूत छिपाने के लिए पिता ने शिकायत वापस ले ली थी. अक्षत पर सख्त नजर रखने लगे. 20 फरवरी तड़के भी यही पढ़ाई समझाने का सिलसिला चल रहा था.

पैथोलॉजी और शराब के कारोबारी थे मानवेंद्र

मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक थे. सालेह नगर, बुद्धेश्वर समेत चार लैब्स चलाते थे. साथ ही तीन शराब की दुकानें भी थीं. पत्नी का 2017 में निधन हो चुका था. अक्षत और 16 वर्षीय बेटी कृति के साथ रहते थे. चाचा अरविंद उसी मकान के दूसरे तल पर परिवार सहित रहते थे, लेकिन वारदात के अगले दिन जालौन चले गए थे.

CCTV और बदबू ने खोला राज

पड़ोस के एक अंकल कहते है कि हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर निकलता. पूछने पर कहता, पापा 19 फरवरी को दिल्ली काम से गए है. अब तक नहीं लौटे. खुद 20 फरवरी को आशियाना थाने में गुमशुदगी नंबर 06/26 दर्ज कराई. हम उसे थाने लेकर गए, फिर एडीसीपी तक शिकायत पहुंचाई. जब शक गहराया तो पड़ोसियों ने घर के बाहर लगे CCTV फुटेज खंगाले.

सीसीटीवी में साफ नजर आया 19 फरवरी रात 12 बजे मानवेंद्र कार से घर घुसे, लेकिन बाहर नहीं निकले. अक्षत कार लेकर सदरौना की तरफ गया. लोकेशन और फुटेज से संदेह पक्का हुआ. घर से बदबू आने लगी तो पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह समेत कई लोगों ने पुलिस को सूचना दी.

पुलिस पूछताछ हुआ चौंकाने वाला खुलासा

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक गहन पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि पिता ने राइफल निकालकर मुझे धमकी दी. पढ़ नहीं रहा तो गोली मार दूंगा. फिर राइफल रख दी. मैंने उठाकर सिर में गोली मार दी. शुरू में पिता के दोस्त सोनू को फोन कर कहा कि अंकल, पापा ने आत्महत्या कर ली.

पहले सुसाइड की कहानी सुनाई, फिर टूट गया

सोनू मानवेंद्र के घर पहुंचे तो पहले सुसाइड वाली कहानी सुनाई, लेकिन कड़ी पूछताछ में टूट गया और पूरी कहानी बता दी. पुलिस ने सदरौना में बाकी अंग तलाशे, फॉरेंसिक टीम भी बुलाई है. फिलहाल, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा. अक्षत पर पुलिस ने हत्या व साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया.

अब भी दहशत में मानवेंद्र की बेटी

मानवेंद्र की 16 वर्षीय बेटी कृति की काउंसलिंग कराई गई, वह अभी भी दहशत में है. यह मामला पढ़ाई के दबाव और पिता-पुत्र के रिश्ते की उस कटु सच्चाई को उजागर करता है जहां छोटा विवाद खूनखराबे में बदल गया. पुलिस अभी भी कई पहलुओं पर छानबीन कर रही है.