2016 में नियुक्ति, 2021 में बर्खास्त… देवरिया के सरकारी टीचर के सुसाइड केस की पूरी कहानी

देवरिया में एक टीचर कृष्ण मोहन सिंह ने फंदे से लटक कर सुसाइड कर लिया. मृतक टीचर मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया गांव के रहने वाला था और अपने परिवार के साथ गोरखपुर के शिवपुर में रहता था. मृतक टीचर ने अपने सुसाइड लेटर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और कार्यालय में तैनात बाबू पर गंभीर आरोप लगाया है.

देवरिया के सरकारी टीचर का सुसाइड केस

देवरिया में सरकारी टीचर कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. गौरी बाजार के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में बतौर सहायक टीचर तैनात कृष्ण मोहन सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और कार्यालय में तैनात बाबू पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुसाइड कर लिया. उन्होंने चार पन्ने के सुसाइड नोट में इन लोगों पर 16 लाख रूपये हड़पने और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाये गए हैं.

इस सुसाइड का मृतक टीचर के द्वारा वीडियो भी बनाया गया था, जो वायरल हो रहा है. पुलिस ने टीचर की पत्नी गुड़िया सिंह के तहरीर के आधार पर BSA शालिनी श्रीवास्तव समेत तीन पर सुसाइड के लिए उकसाने और धमकी देने का एफआईआर दर्ज कर लिया है. आरोपी बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया है और देवरिया के सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में इसकी जांच की जा रही है. जानिए क्या है पूरा मामला-

2016 में हुई थी तैनाती

देवरिया में एक टीचर कृष्ण मोहन सिंह ने अपने गोरखपुर के आवास पर फंदे से लटक कर सुसाइड कर लिया. मृतक टीचर मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया गांव के रहने वाला था और अपने परिवार के साथ गोरखपुर के शिवपुर में रहता था. उसकी नियुक्ति देवरिया के ग़ौरीबाजार ब्लॉक क्षेत्र में कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में 2016 में हुई थी, लेकिन 9 जुलाई 2021 में जब एसटीएफ गोरखपुर ने बेसिक शिक्षा विभाग की नियुक्तियों की जांच की थी.

STF की जांच के बाद हुए थे बर्खास्त

इस दौरान देवरिया में तैनात वित्त लेखा अधिकारी समेत 17 के खिलाफ सदर कोतवाली देवरिया में एफआईआर दर्ज कराई थी. साथ ही जिन शिक्षकों की नियुक्ति 2016 में हुई थी, उन सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था. इस बर्खास्तगी में कृष्ण मोहन सिंह भी शामिल थे. इसके बाद इन शिक्षकों ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया. पिछले ही साल हाईकोर्ट ने इनके पक्ष में आदेश करते हुए सभी को बहाल कर दिया और सैलरी भुगतान करने का निर्देश भी दिया.

हाई कोर्ट ने किया बहाल, लेकिन नहीं मिला वेतन

हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल के मैनेजर ने सभी शिक्षकों को ज्वॉइन कराते हुए वेतन जारी करने के लिए जिला बेसिक कार्यालय देवरिया को फाइल भेज दिया था, लेकिन अभी तक इन शिक्षकों का वेतन नहीं दिया गया. आत्महत्या करने वाले शिक्षक कृष्णा मोहन सिंह का आरोप है कि वेतन के लिए बीएसएस और बाबू संजीव सिंह ने 16 लाख रूपये ले लिए, बावजूद इसके वेतन जारी नहीं किया. वह विभाग में रोज-रोज दौड़कर परेशान हो गया था.

16 लाख की रिश्वत में FIR, बाबू सस्पेंड

इस मामले को लेकर डीएम दिव्या मित्तल ने लिपिक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया है और सीडीओ देवरिया राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में इसकी जांच की जा रही है. वहीं इस मामले में अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर डीजी स्कूल मोनिका द्वारा गठित जांच टीम मे संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉक्टर पवन सचान, उप शिक्षा निदेशक संजय उपाध्याय एवं एडी बेसिक संगीता सिंह भी शामिल है. देवरिया की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा भी टीम के सहयोग में रहेंगी.

टीचरों का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

देवरिया जिले के शिक्षक संगठनों के निर्देश पर कल बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं इकट्ठा हुए और कैंडल मार्च निकाला. इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि कृष्ण मोहन सिंह की मौत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के आत्मसम्मान पर आघात है. शिक्षकों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए… हम सब शिक्षक उस परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.

‘आरोपियों की गिरफ्तारी और एक करोड़ रुपया मुआवजा दे सरकार’

इस मामले में देवरिया सदर के बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्य पूर्ण घटना है, सरकार की तरफ से बीएसए के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिन्होंने ये पाप किया है उनके विरुद्ध कर्यवाही होगी, हम पीड़ित परिवार और शिक्षकों के साथ है. वहीं कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपया मुआवजा देने की बात कही है.