लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज के जवाब में अब हनुमान चालीसा, लगातार तीसरे दिन हुआ बवाल

लखनऊ यूनिवर्सिटी में तीन दिन से बवाल मचा हुआ है. लाल बारादरी परिसर में मुस्लिम छात्रों के नमाज पढ़ने पर बखेड़ा खड़ा हो गया है. इसके विरोध में यूनिवर्सिटी के अंदर हिंदू संगठनों की तरफ से हनुमान चालीसा पढ़ी गई. उधर पुलिस ने परिसर के अंदर नमाज पढ़ने को लेकर 13 छात्रों को नोटिस भेजा है.

लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज के जवाब में अब हनुमान चालीसा, Image Credit:

लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में मुस्लिम छात्रों के नमाज पढ़ने पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. अब यूनिवर्सिटी के अंदर हिंदू संगठनों की तरफ से हनुमान चालीसा पढ़ी गई. स्थिति ना बिगड़े, इसके लिए परिसर के अंदर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. फिलहाल, पुलिस ने हनुमान चालीसा पढ़ रहे लोगों को यूनिवर्सिटी के लाल बरादरी परिसर के पास से हटा दिया है.

13 मुस्लिम छात्रों को प्रशासन ने भेजा नोटिस

लखनऊ पुलिस लाल बारादरी परिसर में नामाज पढ़ने और नारेबाजी करने वालों के खिलाफ भी सख्त है. इसको लेकर 13 छात्रों को नोटिस भेजा गया. नोटिस में छात्रों पर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को बाधित करने और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था को खतरे में डालने का आरोप है. पुलिस प्रशासन ने सभी छात्रों को एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी और भारी-भरकम मुचलका और दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है.

क्या है मामला?

लखनऊ यूनिवर्सिटी के लाल बारादरी परिसर में तीन दिन से जारी विवाद की जड़ ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत के लिए की गई बैरिकेडिंग है. मुस्लिम छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेडिंग हटाकर लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़ी और इफ्तार भी किया. इस दौरान हिंदू पक्ष ने इसका विरोध किया. दोनों पक्ष आमने-सामने आ भी आग गए और धक्का-मुक्की की स्थिति भी पैदा हो गई थी.

मुस्लिम छात्रों का यह है दावा

लखनऊ यूनिवर्सिटी परिसर की लाल बारादरी के रेनोवेशन का काम चल रहा है. रेनोवेशन स्थल के बाहर एक बोर्ड भी लगाया गया है. मुस्लिम छात्रों का दावा है इस परिसर के अंदर एक मस्जिद है. यहीं पर वे नमाज अदा करने पहुंचे थे. लेकिन कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते लाल बरादरी परिसर पर पहले से ताला लगा हुआ था और बैरिकेडिंग भी की गई थी. मुस्लिम छात्रों लाल बारादरी के रेनोवेशन का विरोध करना शुरू कर दिया. उनका कहना है लाल बारादरी ASI द्वारा संरक्षित स्थल है. बिना उसकी अनुमति के यहां कोई कंस्ट्रक्शन नहीं किया जा सकता.