पिता को गोली मारी, फिर खाई चिकन पनीर; इस बात से खफा था अक्षत… दिल दहला देगा खुलासा
लखनऊ के शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में बेटे अक्षत ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पिता को गोली मारने के बाद उसने चिकन-पनीर खाया, बहन को धमकाया और शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई. मां की मौत के बाद पिता के प्रेम प्रसंग से नाराज अक्षत ने यह खौफनाक कदम उठाया. पुलिस की पूछताछ में अक्षत ने बिना किसी पछतावे के पूरी वारदात का ब्योरा दिया, जो दिल दहला देने वाला है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस वारदात को अंजाम देने के बाद बेटे ने अक्षत ने चिकन पनीर खाई थी. अगले दिन अपनी छोटी बहन को तैयार कर स्कूल भी भेजा था. लेकिन उससे पहले उसे इतना डरा दिया था कि वह किसी से कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पायी. यह खुलासा खुद आरोपी अक्षत ने पुलिस की पूछताछ में किया है.
आरोपी ने बताया कि पूरी रात प्लानिंग करने के बाद 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 4 बजे उसने वारदात को अंजाम दिया. आरोपी ने वारदात के पीछे की कहानी भी बयां की है. उसने बताया कि मां की मौत के बाद उसके पिता का एक अन्य महिला के साथ प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था और वह उससे शादी करने वाले थे. इसकी जानकारी होने पर दोनों बच्चे पिता के खिलाफ हो गए थे. इस बात को लेकर पिता-पुत्र में झगड़ा भी हुआ था. इसके बाद ही आरोपी ने रात भर प्लानिंग की और इस वारदात को अंजाम दिया.
पिता को तड़पते देखता रहा अक्षत
आरोपी अक्षत ने पुलिस को बताया कि उसने सोते समय पिता के सिर में गोली मार दी. गोली लगते ही वह तड़पने लगे तो वह वहीं पर खड़ा होकर देखता रहा. वहीं सांसे थम गई तो शव को घसीटते हुए ग्राउंड फ्लोर पर लाया और बॉथरूम में बंद कर दिया. आरोपी ने बताया कि वारदात के वक्त उसकी छोटी बहन भी कमरे में मौजूद थी. उसने बहन को धमकी देते हुए कहा था कि उसने किसी को कुछ भी बताया तो उसका भी वह यही हाल करेगा.
चाची से बनवाई चिकन पनीर
आरोपी ने पुलिस को बताया कि किसी को शक न हो, इसके लिए उसने अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में बिल्कुल बदलाव नहीं किया. वारदात के बाद वह अपनी चाची नम्रता के पास गया और उनसे चिकन-पनीर की सब्जी बनवाई. फिर वापस आकर लाश के पास ही बैठकर बहन के साथ खाया. इस दौरान वह बहन को एग्जाम देने के लिए भी भेजता रहा. इसी दौरान उसने शव को ठिकाने लगाने की प्लानिंग की. इसके लिए उसने उसने बाजार से आरी और नीला ड्रम खरीदा.
चेहरे पर नहीं था कोई पछतावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिस अक्षत को लेकर क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए आई थी. इस दौरान पड़ोसियों से भी आमना सामना हुआ, लेकिन आरोपी वहां खड़े लोगों से आंखें चुराता रहा. उसने पुलिस को बताया कि पिता को तड़पते हुए उसने अपनी आंखों से देखा. इस दौरान उसके चेहरे पर कोई पछतावे का भाव नहीं था. बता दें कि वर्धमान पैथोलॉजी लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी लैब है. वहीं इसके संचालक मानवेंद्र सिंह शहर के प्रतिष्ठित लोगों में गिने जाते थे.