लखनऊ में फ्लैटों को नोटिस के बाद बैकफुट पर सिंचाई विभाग, जेई नपे; बड़े अफसरों पर अब भी सवाल

लखनऊ में सिंचाई विभाग ने मुख्तार अंसारी से खाली कराई गई ज़मीन पर गरीबों के लिए बने फ्लैट्स पर नोटिस लगा दिए थे. साथ ही इसे सरकारी ज़मीन भी बता दिया था, जबकि मुख्यमंत्री ने इन फ्लैट्स की चाबियां गरीब परिवारों को सौंपी थीं. अब हंगामे के बाद सिंचाई विभाग ने JE को हटा दिया है.

सिंचाई विभाग बैकफुट पर, जेई को हटाया

लखनऊ में सिंचाई विभाग ने मुख्तार अंसारी से खाली कराई गई ज़मीन पर गरीबों के लिए बने फ्लैट्स पर नोटिस लगा दिए थे. साथ ही इसे सरकारी ज़मीन भी बता दिया था, जबकि मुख्यमंत्री ने इन फ्लैट्स की चाबियां गरीब परिवारों को सौंपी थीं. इस विवाद के बाद विभाग बैकफुट पर आया और जूनियर इंजीनियर मंगल प्रसाद को हटाकर पल्ला झाड़ा है.

सिंचाई विभाग का कहना है कि नोटिस का मकसद हैदर कैनाल पर अवैध अतिक्रमण हटाना था, न कि LDA निर्मित आवास को खाली करना था. जारी लेटर में कहा गया कि जो अतिक्रमण से संबंधित नहीं थे उन पर भी जेई ने नोटिस चस्पा कराई दी. इससे सिंचाई विभाग की छवि को धूमिल हुई है. जेई मंगल प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.

इतनी फजीहत के बाद बड़े अफसरों पर एक्शन कब?

जेई मंगल प्रसाद वर्मा, लखनऊ खंड 2 शारदा नहर के कार्य स्थल पर तैनात थे. उन्हे हटाकर सिस्टम मॉडल सिंचाई कर लखनऊ से संबद्ध किया गया है. हालांकि, सिंचाई विभाग द्वारा सिर्फ जेई को हटाने पर सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि इतनी फजीहत कराने के बाद भी नोटिस चस्पा करने का आदेश देने वाले अधिकारियों को बचाया जा रहा है.

लखनऊ सिंचाई विभाग के अधीक्षण और अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी कब तय होगी? कल लखनऊ एक्सईएन मामले में सिंचाई विभाग की कार्यवाही से ही इनकार कर रहे थे. अगर सिंचाई विभाग ने कोई फजीहत कराई ही नहीं तो फिर कार्रवाई किस बात की? मौके पर दर्जन भर सिंचाई विभाग के अफसर भेज कर दहशत पैदा करने वाले पर कार्यवाही कब?

CM ने 4 नवंबर 2025 को लाभार्थियों दी थीं चाबियां

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा पहले नोटिस चस्पा कर और वहां पर रह रहे लोगों से अभद्रता की जाती है. कैनाल एक्ट की धारा 70 के अंतर्गत हैदर बंधे की भूमि से अवैध निर्माण के लिए नोटिस दिया गया. इस नोटिस में स्पष्ट लिखा था कि यह भूमि हैदर कैनाल बंधे की सरकारी जमीन है. सात दिन में कब्जा नहीं हटाया गया तो इसका खर्चा भी वसूल किया जाएगा.

यह वही परियोजना है जिसे LDA ने डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी के ध्वस्त किए गए बंगले की जमीन पर विकसित किया था. करीब 2,314 वर्गमीटर भूमि पर गरीबों के लिए 72 फ्लैटों बने हैं. सरदार पटेल जयंती के अवसर पर 4 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लाभार्थियों को आवंटन पत्र और फ्लैटों की चाबियां सौंपी थीं. 

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