शरीर पर 6 चोटें, फेफड़ों में खून के थक्के से मौत; प्रतीक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की पूरी डिटेल
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार मौत की प्राथमिक वजह ‘मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म’ बताई गई है, जिससे कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर हुआ. रिपोर्ट में शरीर पर छह चोटों का जिक्र है, जिन्हें डॉक्टरों ने एंटेमॉर्टम यानी मौत से पहले लगी चोटें बताया है. कुछ चोटें 7 से 10 दिन पुरानी, जबकि कुछ एक दिन पहले की बताई गई हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों का जिक्र किया गया है. हालांकि, यह सभी चोट मौत से पहले लगी थी. वहीं, प्रतीक की मौत की प्राथमिक वजह ‘मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म’ यानी फेफड़ों में खून का बड़ा थक्का बनने से कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर बताई गई है. रिपोर्ट में यह भी साफ लिखा गया है कि शरीर पर मौजूद सभी चोटें ‘एंटेमॉर्टम’ थीं, यानी ये चोटें मौत से पहले लगी थीं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इस पेज में कुल छह चोटों का जिक्र है.
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक यादव को लगी कुछ चोटें 7 से 10 दिन पुरानी थीं, जबकि कुछ चोटें मौत से करीब एक दिन पहले की बताई गई हैं. इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर प्रतीक यादव को लगातार चोटें कैसे लग रही थीं? हालांकि डॉक्टरों ने रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि पूरे हार्ट और फेफड़ों से संबंधित सामग्री को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा विसरा भी केमिकल एनालिसिस के लिए संरक्षित किया गया है.
शरीर पर कहां-कहां थीं चोटें
- रिपोर्ट के अनुसार, पहली चोट छाती पर दर्ज की गई है. यह चोट करीब 14 सेंटीमीटर लंबी और 7 सेंटीमीटर चौड़ी बताई गई है. चोट का रंग बीच में लाल-भूरा और किनारों पर हरा-पीला बताया गया है. यह चोट दाहिने हिस्से में है. डॉक्टरों ने चोट के नीचे ‘इकाइमोसिस’ यानी त्वचा के अंदर खून जमने के संकेत भी दर्ज किए हैं.
- दूसरी चोट दाहिने हाथ और कंधे के पिछले हिस्से में पाई गई. इसका आकार 19 गुणा 12 सेंटीमीटर बताया गया है. यह चोट दाहिने हाथ के पोस्टेरोमेडियल हिस्से और दाहिनी बगल के नीचे मौजूद थी. इस चोट के नीचे भी खून जमने के संकेत पाए गए.
- तीसरी चोट दाहिने हाथ के अग्रभाग यानी फोरआर्म पर दर्ज की गई. यह सबसे लंबी चोटों में से एक बताई गई है, जिसका आकार 24 गुणा 8 सेंटीमीटर है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोट कोहनी से लेकर कलाई तक फैली हुई थी. डॉक्टरों ने यहां भी अंदरूनी रक्तस्राव और सूजन के संकेत दर्ज किए हैं.
- चौथी चोट दाहिने हाथ के अंदरूनी हिस्से में पाई गई. यह लगभग 6 गुणा 4 सेंटीमीटर की थी और कोहनी से करीब 15 सेंटीमीटर नीचे मौजूद थी. पांचवीं चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से में दर्ज की गई, जिसका आकार 12 गुणा 6 सेंटीमीटर था. छठी और आखिरी चोट बाएं हाथ की कलाई पर पाई गई, जिसका आकार 3 गुणा 2 सेंटीमीटर बताया गया है.
मौत की वजह क्या बताई गई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ‘ओपिनियन’ सेक्शन में डॉक्टरों ने मौत की वजह ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ बताई है, जिसकी वजह ‘मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म; बताई गई है. मेडिकल भाषा में पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म का मतलब होता है कि शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की नसों तक पहुंच गया और वहां ब्लॉकेज पैदा हो गया. ऐसी स्थिति में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और दिल तथा सांस लेने की प्रक्रिया अचानक प्रभावित हो सकती है.
सभी चोटें मौत से पहले की थीं
रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉक्टरों ने सभी चोटों को ‘एंटेमॉर्टम’ माना है. इसका मतलब है कि ये चोटें व्यक्ति के जीवित रहते लगी थीं. आमतौर पर पोस्टमार्टम में यह देखा जाता है कि चोटें मौत से पहले लगी हैं या बाद में. इस मामले में डॉक्टरों ने साफ लिखा है कि शरीर पर मौजूद सभी चोटें पहले की हैं. रिपोर्ट में चोटों की संभावित उम्र का भी उल्लेख है. चोट नंबर 1, 2 और 3 को लगभग 7 से 10 दिन पुराना बताया गया है. वहीं चोट नंबर 4, 5 और 6 को लगभग एक दिन पुराना माना गया है.
रिपोर्ट में कहीं भी जहर का जिक्र नहीं
फिलहाल रिपोर्ट में कहीं भी हत्या, जहर या किसी विशेष बाहरी कारण का सीधा उल्लेख नहीं किया गया है… लेकिन विसरा और अन्य नमूनों को जांच के लिए सुरक्षित रखा जाना इस बात का संकेत है कि डॉक्टर सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल करना चाहते हैं. रिपोर्ट पर मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज हैं. इनमें एक प्रोफेसर, एक सीनियर रेजिडेंट और एक जूनियर रेजिडेंट शामिल हैं.