पहले स्लॉट बुकिंग, फिर एक घंटे में करानी होगी रजिस्ट्री; UP में एक अप्रैल से बदल जाएगा नियम

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से संपत्ति रजिस्ट्री के नए नियम लागू होंगे. अब खतौनी जांच के बाद पहले स्लॉट बुक होगा, फिर एक घंटे के भीतर रजिस्ट्री करानी होगी. इसका उद्देश्य जमीन के खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी रोकना है. कैबिनेट के फैसले से एक ही जमीन की कई रजिस्ट्रियों पर रोक लगेगी, लेकिन सर्वर संबंधी चुनौतियों को लेकर कुछ वकीलों में चिंता है.

सांकेतिक तस्वीर

जमीनों की खरीद फरोख्त में धांधली रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ी पहल की है. इस पहल के तहत किसी भी प्रापर्टी की रजिस्ट्री से पहले खतौनी की जांच होगी. इसके बाद स्लॉट बुक होगा और फिर एक घंटे के अंदर रजिस्ट्री करा लेनी होगी. यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएगी. बड़ी बात यह कि किसी भी रजिस्ट्री के स्लॉट बुकिंग बेची या खरीदी जाने वाली प्रापर्टी के मालिकाना हक की विधिवत जांच के बाद ही संभव हो सकेगा.

इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में निर्णय लिया गया. सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से होने वाली रजिस्ट्री में धोखाधड़ी की संभावना जीरो फीसदी हो जाएगी. दरअसल अभी तक एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री के मामले लगातार सामने आ रहे थे. सरकार ने इसपर चिंता जताते हुए व्यवस्था में सुधार की बात कही गई है. नई व्यवस्था के तहत अब संपत्तियों की जांच पड़ताल के बाद रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुकिंग होगी. यह स्लॉट एक घंटे का होगा और इसी एक घंटे के अंदर रजिस्ट्री करानी होगी. ना कराने पर स्लॉट रद्द हो जाएगा.

नए स्लॉट के लिए फिर से होगी औपचारिकता

एक बार स्लॉट निरस्त होने के बाद नया स्लॉट पाने के लिए प्रापर्टी मालिक और खरीदने वाले को फिर से रजिस्टार के सामने हाजिर होना होगा. इसके बाद फिर से प्रापर्टी की जांच समेत अन्य सभी औपचारिकताएं होंगी. इसके बाद स्लॉट बुक होगा और फिर एक घंटे के अंदर रजिस्ट्री करानी होगी. अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू हो जाएगी. इस संबंध में ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना प्रसारित हो रही है.

नए सिस्टम से परेशानी का आशंका

पोर्टल पर संबंधित सूचना को देखकर वकीलों और दस्तावेज लेखकों में चर्चा शुरू हो गई है. आशंका है कि कहीं सिस्टम कोलैप्स ना हो जाए. दरअसल रजिस्ट्री विभाग में सर्वर सही नहीं चलता, ऐसे में बहुत संभव है कि निर्धारित एक घंटे में रजिस्ट्री ना हो पाए. ऐसे में खरीदने और बेचने वाले दोनों की परेशानी बढ़ सकती है. हालांकि कुछ वकीलों का मानना है कि नई व्यवस्था लोग स्लॉट के मुताबिक आएंगे. इससे सर्वर पर अचानक लोड नहीं आएगा.

Follow Us