राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों की पैरवी करने वाले वकील पर लगेगा 5 लाख का जुर्माना
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया है. बार की बैठक में तय किया गया कि कोई भी अधिवक्ता इस मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा. अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और बार एसोसिएशन की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी.
राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर अयोध्या के अधिवक्ताओं ने बड़ा फैसला लिया है. फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोई भी अधिवक्ता इस मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कोई वकील आरोपियों का मुकदमा लड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी बार एसोसिएशन की सदस्यता भी समाप्त कर दी जाएगी.
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस मामले में जिन लोगों पर चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप है, उनकी ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई वकील इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान मांग उठी कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को अयोध्या छोड़ देना चाहिए.
तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ने की चेतावनी
बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि ये तीनों लोग (चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय) तीन दिन के भीतर अयोध्या नहीं छोड़ते, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा. साथ ही चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए CrPC की धारा 173 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी. CBI जांच की मांग की जाएगी… ज़रूरत पड़ने पर अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी.
बार एसोसिएशन ने क्यों लिया यह फैसला?
राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. जांच के दौरान कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई और इसके बाद पहली एफआईआर दर्ज हुई. अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अधिवक्ताओं का कहना है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा मामला भी है.
चंपत राय और अनिल मिश्रा दे चुके हैं इस्तीफा
चढ़ावा मामले की जांच तेज होने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. दोनों ने नैतिक आधार पर पद छोड़ने का निर्णय लिया था. इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर नाराजगी पूरी तरह खत्म होती नहीं दिख रही. बार एसोसिएशन की बैठक में जिस तरह की मांगें सामने आई हैं, उससे स्पष्ट है कि मामले को लेकर आक्रोश अभी भी बना हुआ है.
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
इस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं— अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र, टिन्नू यादव (राम शंकर) और सुभाष श्रीवास्तव. पुलिस ने फिलहाल रिमांड की मांग नहीं की है, लेकिन संभावना है कि जल्द ही पुलिस रिमांड के लिए आवेदन दाखिल किया जा सकता है.
लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक सात आरोपियों के कब्जे से कुल 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं. केवल सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है. हालांकि पुलिस का आरोप है कि वे कथित षड्यंत्र का हिस्सा थे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें भी आरोपी बनाया गया है. अब यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके सामाजिक, धार्मिक और कानूनी आयाम भी लगातार सामने आ रहे हैं.
