विधान परिषद में हंगामा, सपा ने लगाए ‘चंदा चोर’ के नारे तो केशव बोले- राम मंदिर देखकर इनकी छाती फट रही है
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए. समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा, लाल बिहारी यादव और मुकुल यादव ने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. जवाब में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर राम मंदिर और रामभक्तों का विरोध करने का आरोप लगाया.
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला. समाजवादी पार्टी (सपा) ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला उठाते हुए सरकार पर निष्पक्ष जांच नहीं कराने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए सपा पर राम मंदिर निर्माण और रामभक्तों का विरोध करने का आरोप लगाया.
विधान परिषद में शुरू हुआ हंगामा
विधान परिषद में सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण उठाते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन शिकायत में मुख्य आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए, जिन्हें सरकार बचा रही है.
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी डिलीट कराई गई, ताकि चोरी की घटना को छिपाया जा सके और मुख्य आरोपियों को बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि जब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है तो इस मामले में भी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए, यदि किसी कर्मचारी, अधिकारी या प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों का वर्चस्व है तथा ट्रस्ट के गठन के समय से ही अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के लोगों ने सीता को दूर कर दिया.
केशव मौर्य का पलटवार
सपा के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद.’ उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के लोग बाबर से रिश्तेदारी जोड़ते रहे हैं और 1990 में रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं. इस टिप्पणी के बाद सपा सदस्य नाराज हो गए और अपनी सीट छोड़कर सदन के वेल में पहुंच गए. विपक्षी सदस्यों ने चंदा चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाने शुरू कर दिए.
‘जय श्रीराम’ बनाम ‘चंदा चोर’
इस पर उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा, ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज करने चली.’ जवाब में सपा सदस्यों ने नारे लगाए, ‘आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले.’ विधान परिषद में कुछ देर तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी होती रही. जहां समाजवादी पार्टी के सदस्य चंदा चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगा रहे थे, वहीं भाजपा और सहयोगी दलों के सदस्य जय श्रीराम के जयघोष कर रहे थे. सभापति लगातार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे.
‘अयोध्या का भव्य मंदिर देखकर इनकी छाती फट रही है’
हंगामे के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा, ‘अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखकर इनकी छाती फट रही है… मथुरा और काशी में भी मंदिर बनकर रहेगा… ऐसे चिल्ला रहे हैं जैसे इनका दिया हुआ पैसा चोरी हो गया हो.. एक रुपया दिया नहीं और चढ़ावा चोरी की बात कर रहे हैं… इतनी बेशर्मी.’
लाल बिहारी यादव ने उठाया मुद्दा
विधान परिषद में सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने भी राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण उठाया. उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में संत-महात्माओं के बजाय आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया, जिसके कारण आज भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं. उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की.
मुकुल यादव ने कहा- रामराज्य में चोरी की कल्पना भी नहीं थी
विधान परिषद में सपा एमएलसी मुकुल यादव ने कहा कि रामराज्य में न तो चोरी होती थी और न ही किसी को ताले लगाने की जरूरत पड़ती थी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ जो चढ़ावा चढ़ाया, उसमें कथित गड़बड़ी हुई है, कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों पर हुई, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है.
