राम मंदिर चढ़ावा चोरी: CM योगी को आज रिपोर्ट दे सकती है SIT, अब तक की जांच में क्या सामने आया है?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच कर रही एसआईटी आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन, जिम्मेदारियों के बंटवारे और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ नियुक्त करने की सिफारिश की गई है. दानराशि की साप्ताहिक ऑडिट, नकदी प्रबंधन की दस्तावेजी व्यवस्था और सीसीटीवी फुटेज का स्टोरेज 45 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने का सुझाव भी दिया गया है.
अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में केवल कथित वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं का जिक्र ही नहीं किया गया है, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की भी सिफारिश की गई है. आइए जानते हैं कि रिपोर्ट में क्या-क्या है?
सूत्रों के अनुसार, SIT ने अपनी शुरुआती जांच में यह माना है कि मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर और जवाबदेह बनाने की जरूरत है. इसी के तहत ट्रस्ट के पुनर्गठन का सुझाव दिया गया है, ताकि सभी सदस्यों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय हों और किसी एक व्यक्ति पर अत्यधिक निर्भरता की स्थिति खत्म की जा सके. रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि मंदिर ट्रस्ट में किसी अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया जाए.
चंपत राय से भी हुई पूछताछ
इससे वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी. सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की गई है. हालांकि यह पूछताछ प्रारंभिक जांच का हिस्सा थी और इसका मतलब किसी प्रकार की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता. बताया जा रहा है कि विस्तृत जांच के दौरान दोबारा भी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है. कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगाने की भी सिफारिश की गई है.
जांच के लिए और समय की मांग
SIT का मानना है कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, लेकिन पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए और समय की जरूरत है. इसलिए रिपोर्ट में विशेष जांच दल को विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय देने की सिफारिश भी की गई है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में दानराशि के प्रबंधन को लेकर कई अहम सुझाव दिए गए हैं. इनमें दानराशि की गणना का साप्ताहिक ऑडिट कराया जाना शामिल है.
CCTV निगरानी और डेटा स्टोरेज बढ़ाने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में मंदिर में प्रतिदिन प्राप्त होने वाली नकदी की नियमित एंट्री और रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने और मंदिर प्रबंधन में पेशेवर व्यवस्था अपनाने का सुझाव है. चढ़ावे के संग्रह, गणना और बैंक जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह दस्तावेजी बनाया जाए. मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों का डेटा स्टोरेज मौजूदा 45 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन तक किया जाना चाहिएय इससे भविष्य में किसी भी विवाद या जांच के दौरान पुराने फुटेज उपलब्ध रह सकेंगे.
कई लोगों के दर्ज हुए बयान
जानकारी के अनुसार, SIT ने पिछले छह दिनों में मंदिर संचालन और दान प्रबंधन से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं. इनमें ट्रस्ट के सदस्य, मंदिर प्रशासक, पर्यवेक्षक, बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य संबंधित कर्मचारी शामिल हैं. जांच टीम ने दान संग्रह, नकदी की गणना और सुरक्षा व्यवस्था का भी गहन परीक्षण किया है. हालांकि, यह स्पष्ट किया जा रहा है कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.