ADG अमिताभ यश के पिता का निधन, DIG के पद से हुए थे रिटायर; जानिए पूर्व IPS रामयश सिंह के बारे में
उत्तर प्रदेश के एडीजी अमिताभ यश के पिता और पूर्व डीआईजी रामयश सिंह का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया. बिहार कैडर के आईपीएस रहे रामयश सिंह ने अपने साहस के लिए वीरता पदक भी प्राप्त किया था. उनके निधन पर कई वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज तर्रार आईपीएस एवं एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के पिता पूर्व आईपीएस रामयश सिंह का निधन हो गया है. वह 83 साल के थे. डीआईजी के पद से रिटायर आईपीएस रामयश सिंह कुछ दिनों से बीमार थे और लखनऊ में ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के साथ ही रह रहे थे. उनके निधन की सूचना पर उनके घर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया. खुद डीजीपी राजीव कृष्ण ने भी घर पहुंचकर रामयश सिंह को श्रद्धांजलि दी और अमिताभ यश को ढांढस बंधाया.
इसके बाद उत्तर प्रदेश के कई आईपीएस एवं आईएएस अधिकारियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. वहीं बंगाल चुनाव में व्यस्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहीं से अमिताभ यश के पिता को श्रद्धांजलि दी है. बंगाल से लौटने के बाद वह सीधे अमिताभ यश के आवास पर पहुंचेंगे और पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करेंगे. बिहार कैडर के आईपीएस रामयश सिंह ने सर्किल अफसर के पोस्ट से नौकरी शुरू की और बाद में प्रमोट होकर आईपीएस बने.
1971 में हुआ अमिताभ का जन्म
बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, जहानाबाद, गोड्डा (वर्तमान में झारखंड राज्य) आदि जिलों में उनकी पुलिसिंग आज भी याद की जाती है. उन्हें उच्च कोटि के साहस और वीरता के प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति ने वीरता पदक से सम्मानित किया था. रामयश सिंह के बिहार के भोजपुर घर में 11 अप्रैल 1971 को बेटे अमिताभ यश का जन्म हुआ. गांव में ही अमिताभ यश की प्रारंभिक शिक्षा पूरी हुई और फिर बाद में वह ग्रेजुएशन करने दिल्ली आ गए. यहां डीयू के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक किया और फिर IIT कानपुर से MSc. की डिग्री हासिल की.
पिता के प्रेरणा से पुलिस में आए अमिताभ
अमिताभ यश भी मानते हैं कि उनके पुलिस में आने की वजह उनके पिता ही है. आईआईटी कानपुर से एमएससी करने के बाद अमिताभ ने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए सिविल सर्विस की तैयारी की और 1996 बैच के आईपीएस बने. पुलिसिंग करते भी उन्होंने अपने पिता की ही तरह मेहनत, लगन और इमानदारी दिखाई. इसकी वजह से वह आज उत्तर प्रदेश में ADG लॉ एंड ऑर्डर एवं STF चीफ की कुर्सी तक पहुंचे.