शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद मामले में बड़ा अपडेट, HC के जज ने खुद को सुनवाई से अलग किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य और उनके शिष्य के खिलाफ हाईकोर्ट से मिली जमानत के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में अवमानना याचिका दाखिल की थी. अब इस मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को केस से अलग कर लिया है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (फाइल फोटो) Image Credit:

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुन्दानंद के खिलाफ चल रहे पॉक्सो के मामले में FIR कराने वाले आशुतोष महाराज ने अवमानना याचिका दाखिल की थी. याचिका में शंकराचार्य और उनके शिष्य को हाईकोर्ट से मिली जमानत के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं. इस मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को केस से अलग कर लिया है.

कोर्ट के निर्देश के अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज हुआ था मुकदमा

आशुतोष महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रयागराज के झुंसी थाने में एफआईआर दर्ज कराया था. उन्होंने आरोप लगाया था. कि जनवरी 2025 (महाकुंभ) से फरवरी 2026 (माघ मेला) के बीच प्रयागराज में दो किशोरों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया. विशेष न्यायाधीश के आदेश पर झुंसी थाने में विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

अविमुक्तेश्वरानंद ने दायर की थी अग्रिम जमानत याचिका

इस मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी.याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि यह प्राथमिकी केवल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की छवि खराब करने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है. पीड़ितों का उनके आश्रम या स्कूल से कभी कोई संबंध नहीं रहा. उनपर झुठे आरोप लगाते हुए फंसाने की कोशिश की गई है.

कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ दी थी जमानत

हाई कोर्ट ने दोनों को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर और कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी. कोर्ट ने यह भी कहा था कि दोनों पक्ष शंकराचार्य और आशुतोष मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे. साथ ही कोई इंटरव्यू नहीं देंगे. अगर जमानत का उल्लंघन किया जाता है तो दूसरा पक्ष जमानत कैंसिल कराने के लिए अर्जी दे सकता है. ऐसे में अब आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुन्दानंद पर जमानत के शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

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