राजधानी में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद सरकार अलर्ट

लखनऊ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 4 नए मामले सामने आने के बाद सरकार ने अलर्ट जारी किया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बुखार, खांसी जैसे लक्षणों पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेने और जांच कराने की अपील की है. कहा कि घबराने के बजाय सही इलाज कराएं. H1N1 श्वसन संबंधी वायरल बीमारी है, जो संक्रमित बूंदों से फैलती है. उन्होंने बच्चों, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

गहराया स्वाइन फ्लू का खतरा

बदले मौसम में स्वाइन फ्लू की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है. अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है. हालात को देखते हुए सरकार ने अलर्ट जारी किया है. वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के ऑफिस के नंबर 0522-2622080 को हेल्पलाइन कम कंट्रोल रूम बनाया गया है. सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि बुखार, जुकाम, खांसी या इस तरह के दूसरे लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं और डॉक्टर से सलाह लें.

सीएमओ ने शहर वासियों से आग्रह किया है कि डॉक्टर की सलाह पर जांच और इलाज जरूर कराएं. इस दौरान उन्होंने झोलछाप डॉक्टरों की सलाह पर या खुद से दवा लेने से परहेज करने की हिदायत दी है. सीएमओ के मुताबिक यह सही है कि एच1एन1 तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. अनावश्यक पैनिक होने के बजाय नजदीकी अस्पताल में जाकर विधिवत जांच और इलाजा करना उचित रहेगा.

क्या है इंफ्लूएंजा एच1एन1?

सीएमओ के मुताबिक इंफ्लूएंजा एक सामान्य वायरल बीमारी है, जो इंफ्लूएंजा वायरस के कारण होती है. एच1एन1 इसी वायरस का एक प्रकार है और यह मुख्य रूप से सांस से जुड़ी बीमारियों को पैदा करता है. इस बीमारी के वैसे तो कई लक्ष्य हैं, लेकिन इनमें बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द, बदन में दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा छाना सबसे अहम है.

ऐसे फैलता है संक्रमण

एच1एन1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के जरिए फैल सकता है. इसके अलावा संक्रमित वस्तुओं या सतहों को छूने, हाथ मिलाने और हाथों की ठीक से सफाई न करने से भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है. सीएमओ के मुताबिक इस तरह के मामलों में 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. इसके अलावा उन्होंने गर्भवती महिलाओं, रक्त संबंधी बीमारी या डायबिटीज व तंत्रिका तंत्र की बीमारी तथा कैंसर या एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोग को भी सतर्क रहने की सलाह दी है.

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