2017 में मौत, फिर 2023 तक पेंशन के लिए कैसे लगाया अंगूठा; RTI में खुलासे के बाद एक्शन में पुलिस
लखनऊ विश्वविद्यालय में एक बड़ा पेंशन घोटाला सामने आया है. 2017 में मृत कर्मचारी पुत्तीलाल के बेटे 2023 तक उनके नाम पर पेंशन निकालते रहे, ताऊ से अंगूठा लगवाकर. RTI से हुए खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक पेंशन घोटाला सामने आया है. आरोप है कि यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी की साल 2017 में ही मौत हो गई थी, लेकिन इस कर्मचारी के बेटों ने इसे शो नहीं किया और अपने पिता की जगह अपने अनपढ़ ताऊ से अंगूठा लगवाकर पेंशन उठाते रहे. इतने में भनक इनके परिवार के ही एक युवक को हो गई और उसने आरटीआई लगा दी. इससे हुए खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक लखनऊ यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग में काम करने वाले बक्शी का तालाब निवासी पुत्तीलाल साल 2002 में रिटायर हो गए थे. इसके बाद साल 2017 में बीमारी की वजह से उनकी मौत भी हो गई थी. कायदे से उनकी मौत के साथ ही उनकी पेंशन बंद हो जानी चाहिए थी, लेकिन पुत्तीलाल के परिजनों ने उनकी मौत को शो ही नहीं किया. बल्कि उनके पेंशन के पेपर पर अपने ताऊ चुन्नी लाल से अंगूठा लगवाकर लाभ लेते रहे. यह क्रम साल 2023 तक चला.
आरटीआई में हुआ खुलासा
लखनऊ में कैसरबाग कोतवाल अंजनी मिश्रा के मुताबिक एक दिन पुत्तीलाल के भतीजे को शक हो गया. उसने तत्काल विभाग में आरटीआई लगा दी और विभाग से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस में शिकायत दे दी. बताया कि उसके ताऊ की मौत साल 2017 में ही हो चुकी है. पुलिस ने शिकायत की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए. इसके बाद पुलिस ने पुत्तीलाल के बेटे रामबहादुर और तीन पोतों अभिषेक, विवेक और विशाल और पोतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
ताऊ को भी नहीं लगने दी भनक
शिकातय के मुताबिक आरोपी हर महीने पेंशन के फार्म पर अपने दूसरे ताऊ चुन्नीलाल से अंगूठा तो लगवाते, लेकिन उन्हें भी इस गोरखधंधे की भनक नहीं लगने दी. साल 2023 में एक दिन चुन्नीलाल को इस संबंध में पता चल गया. इसके बाद उन्होंने खुद शपथ पत्र देकर पूरी सच्चाई उजागर कर दी. इसके बाद पेंशन बंद हुआ और अब पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की है.