योगी सरकार का एक्शन, 2.08 लाख एकड़ सरकारी जमीन से हटा अवैध अतिक्रमण

उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान जारी है. राजस्व विभाग के मुताबिक पिछले साढ़े नौ साल में 84,005 हेक्टेयर यानी करीब 2.08 लाख एकड़ सरकारी और सार्वजनिक जमीन कब्जामुक्त कराई गई है. अभियान के तहत 4.34 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 99 फीसदी से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है. सरकार ने 1,413 लोगों को भूमाफिया के रूप में चिन्हित किया है, जबकि 4,751 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान लगातार जारी है. राजस्व विभाग के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ साल में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर यानी करीब 2.08 लाख एकड़ क्षेत्रफल को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. सरकार का दावा है कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल प्रदेश में विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए किया जा सकेगा.

अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं रही है. सरकार ने शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी, राजस्व और सिविल वाद, एफआईआर तथा चिन्हित भूमाफियाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का तंत्र भी विकसित किया है.

चार स्तरों पर एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स

राजस्व विभाग के मुताबिक सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए प्रदेश में राज्य, मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर चार स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की गई है. इन टास्क फोर्स का काम अवैध कब्जों की पहचान करने से लेकर संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कराने तक की कार्रवाई को आगे बढ़ाना है. शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने और कार्रवाई की निगरानी के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल भी बनाया गया है.

4.34 लाख शिकायतें, 99 फीसदी से ज्यादा का निस्तारण

एंटी भू-माफिया पोर्टल पर सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे से संबंधित अब तक 4,34,016 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इनमें से 4,31,697 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है. यानी प्राप्त शिकायतों में 99 फीसदी से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया है. विभाग के मुताबिक वर्तमान में 2,319 शिकायतें लंबित हैं. सरकार की रणनीति में ऑनलाइन शिकायत से लेकर मौके पर जांच और कार्रवाई तक की निगरानी को शामिल किया गया है.

84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन कब्जामुक्त

अभियान के तहत अब तक 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. यह क्षेत्रफल करीब 2.08 लाख एकड़ के बराबर है. सरकार के लिए यह जमीन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कब्जामुक्त कराई गई सरकारी भूमि को भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है. इससे सरकारी जमीन का एक बड़ा लैंडबैंक तैयार होने की संभावना है.

भूमाफियाओं पर कानूनी कार्रवाई भी तेज

सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की गई है. राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभियान के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं. इसके अलावा 1,413 अतिक्रमणकर्ताओं को भूमाफिया के रूप में चिह्नित किया गया है. इनमें से 144 भूमाफिया वर्तमान में जेल में बंद बताए गए हैं.

अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई

राजस्व विभाग के अनुसार अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है. इनमें भारतीय दंड संहिता के तहत 1,621 मामले, दंड प्रक्रिया संहिता के तहत 109 लोगों, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत 3 लोगों, गैंगस्टर एक्ट के तहत 70 लोगों और गुंडा एक्ट के तहत 206 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है. इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत भी 1,745 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

अब विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल होगी जमीन

सरकार की नजर अब कब्जामुक्त कराई गई सरकारी जमीन को विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल करने पर है. बड़े पैमाने पर उपलब्ध हुई इस भूमि को व्यवस्थित तरीके से चिन्हित कर विभिन्न परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.. इसमें औद्योगिक इकाइयों, फार्मास्युटिकल और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, लॉजिस्टिक पार्क, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े निवेश प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं.

Follow Us