‘भारत में हीरो बना दूंगा…’ ISI के झांसे में आकर बने आतंकी, टारगेट से पहले UP-ATS के हत्थे चढ़े

यूपी एटीएस ने दो आतंकियों, दानियाल अशरफ और कृष्ण मिश्रा को गिरफ्तार कर आईएसआई के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इन्हें सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बहकाया था. इनका काम देश के संवेदनशील स्थानों और पुलिस पर हमला करना था. एटीएस ने इनके पास से हथियार और देश-विरोधी सामग्री बरामद की है, जिससे बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है.

यूपी एटीएस ने पकड़े दो आतंकी Image Credit:

यूपी एटीएस ने उत्तर प्रदेश में अलग अलग स्थानों से दो आतंकियों को अरेस्ट करते हुए पाकिस्तान से लिंक आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है. यह दोनों आतंकी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के संपर्क में थे. इन दोनों को पाकिस्तानी हैंडलर्स से देश के संवेदनशील प्रतिष्ठानों, पुलिस थानों तथा वर्दीधारी जवानों पर हमले का टास्क मिला था. हालांकि टारगेट से पहले ही यूपी एटीएस ने इन्हें धर दबोचा है.

एटीएस सूत्रों के मुताबिक इन दोनों आतंकियों की पहचान दानियाल अशरफ (23) निवासी बाराबंकी और कृष्ण मिश्रा (20) निवासी कुशीनगर के रूप में हुई है. इनमें से दानियाल को तो एटीएस ने बाराबंकी से अरेस्ट किया है, लेकिन कृष्ण मिश्रा गोरखपुर में पकड़ा गया है. एटीएस के मुताबिक ये दोनों आतंकी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क में शामिल थे. इन्होंने पूछताछ में बताया है कि इनकी भर्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई और आका से इनका संवाद इंस्टाग्राम के जरिए होता था.

झांसे में बने आतंकी

एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि इन दोनों ही आतंकियों को फुट सोल्जर और स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी. इन्हें आर्थिक लालच देकर रेडिकलाइज किया गया था. कृष्ण मिश्रा ने एटीएस की पूछताछ में बताया कि उसे खुद शहजाद ने भारत में हीरो बनाने का झांसा दिया था. इसके लिए शर्त रखी थी कि उसे हर काम उसके इशारे पर करना होगा. एटीएस के मुताबिक इन दोनों के मोबाइल में शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के मोबाइल नंबर सेव पाए गए हैं.

मोबाइल में मिली संवेदनशील सामग्री

एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए आतंकियों के मोबाइल में वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स, व्हाट्सएप चैट और देश-विरोधी सामग्री बरामद हुई. दानियाल अशरफ ने दूसरे राज्य के एक पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो बना था. यह वीडियो उसने हैंडलर्स को भेजा था और हमले के लिए पैसे व हथियार (गन) की मांग की थी. वहीं कृष्ण मिश्रा के फोन में वीडियो मिले हैं, जिनमें वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारकर वीडियो भेजने का टास्क दिया गया था.

बड़ी साजिश का खुलासा

एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक इन आतंकियों को हम्माद ने आबिद जट की पाकिस्तान डॉन वाली फोटो भेजी थी, जिसकी 50 प्रतियां छपवाकर महत्वपूर्ण जगहों पर चिपकाने को कहा था. इसके अलावा इन दोनों को देश के संवेदनशील संस्थानों, पुलिस थानों, चौकियों और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का टारगेट दिया गया था. इसके पीछे आतंकियों का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालना था. एटीएस ने इन आतंकियों के पास से एक देशी 9 एमएम पिस्तौल, एक .315 बोर तमंचा, 6 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

Follow Us