UP में आप भी खोल सकते हैं ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, सरकार दे रही है मौका; जानें पूरी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 जिलों में 32 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने का विकल्प दिया है. यह पहल कुशल ड्राइवरों की कमी पूरी करने और सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से की गई है. इच्छुक आवेदक 1 अप्रैल से विशेष पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं, जिससे आप अपना ट्रेनिंग सेंटर शुरू कर सकते हैं.
यदि आप उत्तर प्रदेश में अपना ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलना चाहते हैं, तो आपके लिए यह बेहतर मौका है. उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 20 जिलों में 32 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने की योजना तैयार की है. कुशल ड्राइवरों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने यह पहल की है. इसी के साथ सरकार का मानना है कि ट्रेनिंग लेकर जब लोग गाड़ी चलाएंगे तो हादसों में भी कमी आएगी. इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष पोर्टल तैयार किया है. इस पोर्टल पर एक अप्रैल से आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी.
यह जानकारी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और राज्य परिवहन प्राधिकरण की अध्यक्ष किंजल सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि इस समय उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित ड्राइवरों की बड़ी कमी है. इसी कमी को पूरा करने के लिए परिवहन विभाग ने इस तरह की पहल की है. इसमें कोशिश किया जा रहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने से पहले लोग जरूरी प्रशिक्षण हासिल करें. यह तभी संभव है, जब उनके निकटतम स्थान पर इस तरह के ट्रेनिंग स्कूल उपलब्ध होंगे. इसके लिए विभाग ने फिलहाल 20 जिलों में 32 स्कूलों के संचालन की योजना तैयार की है.
ये होगी आवेदन की प्रक्रिया
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के मुताबिक इस सिस्टम के तहत सरकार ने 32 सेंटर खोलने की योजना तैयार की है. इसके लिए विभाग ने एक विशेष पोर्टल तैयार किया है. इस पोर्टल पर एक अप्रैल से आवेदन किया जा सकेगा. इसके बाद पात्र आवेदकों को चिन्हित कर उन्हें ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले पोर्टल https://uptransport.upsdc.gov.in पर आवेदन करना होगा. इसी पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे. इसके बाद ऑनलाइन आवेदकों का चयन किया जाएगा.
इन 20 जिलों में खुलेंगे ट्रेनिंग सेंटर
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के मुताबिक अभी प्रदेश में कुल 20 जिलों में कुल 32 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की सहमति बनी है. इनमें से चार सेंटर बलिया में खोले जाएंगे. वहीं कानपुर नगर और बदायूं में 3-3 सेंटर खुलेंगे. इसी प्रकार दो-दो सेंटर महराजगंज, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बलरामपुर आदि जिलों में खोले जाएंगे. उत्तर प्रदेश के रामपुर, हरदोई, फिरोजाबाद, अम्बेडकरनगर, कुशीनगर, बहराइच, फर्रुखाबाद, चंदौली, फतेहपुर, महोबा, चित्रकूट और श्रावस्ती जिलों में भी एक-एक केंद्र खुलने हैं.
ट्रेनिंग के अभाव में हो रहे हादसे
पिछले कुछ वर्षों में हुए सड़क हादसों की सरकार ने जांच कराई थी. इसमें पाया गया कि ज्यादातर हादसे स्टेयरिंग अकुशल हाथों में होने की वजह से हुए. इससे सबक लेते हुए सरकार समस्या के समाधान में जुट गई थी. इसी बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए कुशल ड्राइवरों की तलाश सरकार के लिए चुनौती बन गई. ऐसे में सरकार ने कुशल ड्राइवरों की कमी की पूर्ति के लिए ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल खोलने का फैसला किया है. अधिकारियों का दावा है कि ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूलों के खुलने से लोगों ड्राइविंग की बारीकियां सीख सकेंगे. इससे निश्चित रूप से सड़क हादसों में कमी आएगी.
