जुलाई में सस्ती होगी बिजली! घट सकता है टैरिफ, बदल जाएगा अधिभार लगाने का तरीका

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है! जुलाई में बिजली की दरें सस्ती हो सकती हैं. नए टैरिफ के तहत स्मार्ट मीटर का खर्च अब उपभोक्ताओं के बजाय बिजली कंपनियों पर डाला जाएगा. शिकायत निवारण को गंभीरता से लिया जाएगा, और घरों में दुकान खोलने के लिए वाणिज्यिक कनेक्शन में छूट मिलेगी. नियामक आयोग ने दरें न बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी.

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है. अगले महीने यानी जुलाई में ही बिजली की दरें सस्ती हो सकती हैं. दरों में गिरावट जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाले नए टैरिफ के ऐलान से आने की संभावना है. माना जा रहा है कि नए टैरिफ में उपभोक्ताओं के लिए कई तरह की सहूलियतों का प्रावधान किया गया है. इसमें खासतौर पर स्मार्ट मीटर का खर्चा उपभोक्ताओं पर लादने के बजाय बिजली कंपनियों पर डाला गया है. वहीं स्मार्ट मीटर पर लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट गाइडलाइन पर भी विचार चल रहा है.

नए टैरिफ के साथ प्रावधान किया गया है कि कंट्रोल रूम नंबर 1912 पर आने वाली शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण होगा. इन शिकायतों के निस्तारण में में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है. बता दें कि यूपी में एक्टिव सभी बिजली कंपनियों ने साल 2024–25 के ट्रू-अप में लगभग 3995 करोड़ तथा वर्ष 2026–27 के लिए लगभग 12453 करोड़ का रेवेन्यू डिफरेंस बताया था. इसी आधार पर बिजली दरों में बढोत्तरी की मांग की थी. इसकी सुनवाई विद्युत नियामक आयोग में पहले ही हो चुकी है.

सलाहकार समिति की बैठक में होगी घोषणा

माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में राज्य सलाहकार समिति की बैठक होने वाली है. इस बैठक के बाद और जुलाई के पहले सप्ताह में ही नई बिजली दरें जारी हो जाएंगी. नियामक आयोग ने सुनवाई के दौरान साफ कर दिया था कि बिजली दरें नहीं बढ़ेंगी. बल्कि उपभोक्ताओं को कुछ रियायतें दी जाएंगी. खासतौर पर घरों में दुकान खोलने के लिए वाणिज्यिक कनेक्शन लेने से छूट मिल सकती है. इसी प्रकार स्मार्ट मीटर का खर्च भी उपभोक्ताओं के बजाय बिजली कंपनियों पर डाला जाएगा.

पांच फीसदी लगेंगे चेक मीटर

प्रावधान किया गया है कि स्मार्ट मीटर के साथ पांच फीसदी चेक मीटर लगेंगे. ये मीटर चेक करेंगे कि स्मार्ट मीटर तेज तो नहीं चल रहे. अब तक पावर कार्पोरेशन इसके आंकड़े जारी नहीं करता था, लेकिन नियामक आयोग इस मामले में भी नई गाइडलाइन जारी कर सकता है. इसी के साथ पावर कार्पोरेशन द्वारा रखी गई स्मार्ट मीटर का खर्चा वसूलने के प्रसताव को खारिज किया जा सकता है. माना जा रहा है कि प्रदेश भर में जुलाई में ईंधन अधिभार की गणना नए मानकों के आधार पर होगी. इसका फायदा उपभोक्ताओं को होगा.

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