क्या एक साल टल जाएंगे पंचायत चुनाव? मंत्री राजभर ने बताई CM योगी की मंशा
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले साल विधानसभा चुनावों के बाद हो सकते हैं. मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने CM योगी की मंशा बताते हुए हाईकोर्ट के फैसले को अहम बताया. कहा कि सरकार जल्दबाजी में नहीं है और हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है. माना जा रहा है कि यह देरी भाजपा को विधानसभा चुनाव की तैयारी का समय दे सकती है. मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल भी बढ़ सकता है.
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर इंतजार और लंबा हो सकता है. संभावना है कि अब पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद हों. यह संभावना प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान के बाद जताई जा रही है. अब तक ओमप्रकाश राजभर समय पर चुनाव कराने का दावा करते रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया है कि पंचायत चुनाव टल सकते हैं. उनके बयान पर सरकार की चुप्पी ने भी इस संभावना को बल दिया है.
पंचायत चुनावों के समय को लेकर चल रही अटकलबाजी के बीच मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सीएम के हवाले से बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के मुद्दे पर उनकी सीएम योगी के साथ विस्तार से चर्चा हुई है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के तहत ही सरकार इस मामले में आगे बढ़ेगी. राजनीतिक हल्के में उनके इस बयान के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि सरकार चुनाव कराने की जल्दबाजी में नहीं है.
जितनी देरी, उतना फायदा
पंचायत चुनाव में देरी एक और वजह है. माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने का बड़ा फायदा बीजेपी को मिलेगा. दरअसल बीजेपी को विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा. माना यह भी जा रहा है कि सरकार इस संबंध में खुद पहल कर किसी भी पक्ष को नाराज नहीं करना चाहती. चूंकि हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, इसलिए हाईकोर्ट के फैसले के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है.
बढ़ सकता है पंचायत का कार्यकाल
पंचायत चुनाव 2026 टलने की खबर से ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश में पंचायत का कार्यकाल खत्म होने का है. ऐसे में लोग बाग नए प्रतिनिधियों के चुनकर आने का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच मंत्री के इस बयान ने चुनाव टलने की संभावनाएं प्रकट कर दी है. माना जा रहा है कि चुनाव टलने की स्थिति में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल बढ़ सकता है. हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला अब हाईकोर्ट के आदेश से तय होना है.