यूपी ने रचा इतिहास, 32 हजार मेगावाट के पार पहुंची बिजली डिमांड, कटौती से लोग बेहाल

भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश ने बिजली खपत का नया रिकॉर्ड बना दिया है. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर 32,348 मेगावाट तक पहुंच गई, जो यूपी ही नहीं बल्कि देश के किसी भी राज्य में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है. सरकार रिकॉर्ड मांग पूरी करने का दावा कर रही है, लेकिन कई जिलों से बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.

बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 32,348 मेगावाट तक पहुंच गई Image Credit: AI Generated

भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया है कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 32,348 मेगावाट तक पहुंच गई है. मंत्री ने कहा कि यह न सिर्फ यूपी के इतिहास में, बल्कि देश के किसी भी राज्य में बिजली आपूर्ति का सबसे ऊंचा स्तर है… इसके बावजूद सरकार निर्बाध आपूर्ति देने में सफल रही है. हालांकि मंत्री के दावे से उलट कई जगहों पर बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं.

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश की बिजली जरूरतों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है… पहले जहां अधिकतम मांग 12 से 13 हजार मेगावाट के आसपास रहती थी, वहीं अब यह बढ़कर 32 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है. इसके बावजूद प्रदेश का ऊर्जा विभाग लगातार रिकॉर्ड मांग को पूरा कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की तुलना अब किसी दूसरे राज्य से नहीं, बल्कि अपने ही पुराने रिकॉर्ड से हो रही है.

ऊर्जा मंत्री ने किया ये दावा

मंत्री एके शर्मा के अनुसार, गर्मी के चरम दौर में भी शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार 22 से 22.5 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि कहीं भी तकनीकी खराबी, प्राकृतिक कारणों या स्थानीय बाधाओं से आपूर्ति प्रभावित होने पर विभागीय कर्मचारी दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटे रहते हैं.

बिजली कटौती से लोग परेशान

हालांकि, बढ़ती मांग के बीच प्रदेश के कई इलाकों से स्थानीय स्तर पर बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. विपक्ष लगातार बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का कहना है कि रिकॉर्ड स्तर की मांग पूरी करना ही इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हुई है. लखनऊ समेत कई जगहों पर लोगों ने बिजली कटौती पर प्रदर्शन भी किया.

डिमांड के पुराने रिकॉर्ड टूटे

ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हाल के दिनों में यूपी ने लगातार अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं. इससे पहले राज्य में 31 हजार मेगावाट से अधिक की मांग पूरी करने का दावा किया गया था, जबकि अब अधिकतम मांग बढ़कर 32,348 मेगावाट तक पहुंचने की बात कही जा रही है. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का कहना है कि आने वाले समय में भी उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है.

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा, ‘बढ़ती मांग विकास का संकेत है… उद्योग, कृषि, घरेलू उपभोग और शहरीकरण के कारण बिजली की जरूरत बढ़ रही है… हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी उपभोक्ता बिजली के अभाव का सामना न करे और हर जरूरत के समय पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध हो.’

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