QR स्कैन करते ही स्क्रीन पर होगा स्कूल बस का पूरा अपडेट, बच्चों की सुरक्षा के लिए बना पोर्टल

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूल बस हादसों पर अंकुश लगाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल' (ISVMP) लॉन्च किया है. अब स्कूल बसों पर QR कोड लगे होंगे, जिन्हें स्कैन करके अभिभावक गाड़ी की फिटनेस, परमिट और ड्राइवर की जानकारी सहित अपनी बच्चे की स्कूल वैन का पूरा डेटा मोबाइल स्क्रीन पर देख सकेंगे. यह पोर्टल बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

यदि आपका बच्चा भी स्कूल वैन में सफर करता है तो यह खबर आपके काम की है. इस समय उत्तर प्रदेश में स्कूल वैन में सुरक्षा का मुद्दा सुर्खियों में है. स्कूल वैन में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए सरकार ने भी सख्ती के मूड में है. इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने एक इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (ISVMP) पोर्टल तैयार कराया है. साथ ही प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को स्कूल वैन का पूरा डेटा इस पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है.

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब सभी स्कूल वैन पर एक क्यूआर कोड लगा होगा. इसे स्कैन करने पर स्कूल वैन की पूरी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर होगी. इसमें गाड़ी की फिटनेस से लेकर परमिट तक और वाहन चालक का नाम, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर समेत सभी जरूरी विवरण रहेगा. यह पूरा ब्यौरा शिक्षा विभाग के आईएसवीएमपी पोर्टल पर “Know Your Bus” विकल्प में नजर आएगा.

एक्शन में सरकार

पिछले दिनों आगरा, अलीगढ़ समेत प्रदेश के कई जिलों में स्कूल वैन के साथ हादसे हुए हैं. दो अलग अलग घटनाओं में चलती बस की फर्श टूटने से दो बच्चों की मौत हो गई थी. इन घटनाओं को देखते हुए सरकार में एक्शन में आ गई. खुद सीएम योगी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए. इसके बाद परिवहन विभाग की टीम ने प्रदेश भर के स्कूलों में चल रही बसों की जांच शुरू कर दी है. वहीं मुख्य सचिव के निर्देश पर एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है.

परिवहन विभाग ने बनाया पोर्टल

अभिभावकों की सुविधा और बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (ISVM Portal) बनाया है. अधिकारियों के मुताबिक इस पोर्टल पर जरूरी डेटा भरना स्कूलों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. इस डेट से अभिभावक तो अपने बच्चे के स्कूल वैन की जानकारी ले ही सकेंगे, इसे ही देखकर परिवहन विभाग भी नियमों के उल्लंघन पर एक्शन ले सकेगा. यह पूरी जानकारी पोर्टल के अलावा बसों पर लग रहे क्यूआर कोड में भी उपलब्ध होगी.

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