UP में भी मिलेंगे स्मार्ट RC, स्कैन करते खुलेगी वाहन की पूरी कुंडली; ये होंगे सिक्योरिटी फीचर

हरियाणा-दिल्ली की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी अब वाहन मालिकों को स्मार्ट आरसी कार्ड मिलेंगे. ये एटीएम जैसे दिखने वाले कार्ड क्यूआर कोड, चिप और डिजिटल सुरक्षा फीचर्स से लैस होंगे, जिससे वाहन पंजीकरण सुरक्षित बनेगा. अगस्त से मिलने वाले ये स्मार्ट आरसी फटने या खराब होने के डर को खत्म करेंगे और स्कैन करते ही गाड़ी की पूरी जानकारी मिलेगी. पुराने वाहन मालिक भी इन्हें बदलवा सकेंगे.

सांकेतिक तस्वीर

हरियाणा और दिल्ली की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश के वाहन मालिकों को भी स्मार्ट आरसी मिलने जा रही है. इसके लिए परिवहन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है. यह आरसी ना केवल एटीएम की तरह पर्स में रखे जा सकेंगे, बल्कि नई व्यवस्था से वाहनों का पंजीकरण सुरक्षित हो सकेगा. क्यूआर कोड आधारित इस आरसी को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाया जाएगा. यह जानकारी उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी. उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों को अगस्त महीने से स्मार्ट आरसी मिलने लगेंगे.

अभी तक उत्तर प्रदेश में गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन कराने पर वाहन मालिकों को कागजी आरसी दिए जाते हैं. इन्हें सुरक्षित रखना तो मुश्किल होता ही है, इसे साथ लेकर चलने में फटने या खराब होने व जानकारी मिटने का डर रहता है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स से लैस स्मार्ट आरसी जारी करने का फैसला किया है. नए स्मार्ट आरसी कार्ड में माइक्रो प्रिंटिंग, क्यूआर कोड, सुरक्षित चिप व अन्य डिजिटल सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जाएंगे.

स्कैन करते खुलेगी पूरी कुंडली

इस आरसी की मुख्य खासियत यह है कि स्कैन करते ही आपकी गाड़ी की पूरी कुंडली खुलकर सामने आ जाएगी. चेकिंग के दौरान पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी डिजिटल माध्यम से वाहन को स्कैन कर सकेंगे. इससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा. इस आरसी का बड़ा फायदा इसकी मजबूती भी है. यह कार्ड पानी, धूल और सामान्य टूट-फूट से आसानी से खराब नहीं होगा. माना जा रहा है कि अभी यह आरसी केवल नए वाहन मालिकों को ही मिलेंगे. हालांकि पुराने वाहन मालिक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आरसी को स्मार्ट कार्ड में बदलवा सकेंगे.

10 साल से लटका है प्रोजेक्ट

हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की तर्ज पर 10 साल पहले ही यूपी में स्मार्ट कार्ड आरसी का प्रोजेक्ट लाया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यहां लागू नहीं हो सका. परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक अब सभी अड़चनों को खत्म करते हुए अगस्त महीने से इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए 25 जुलाई तक जरूरी उपकरण इंस्टाल कर लिए जाएंगे. फिर पांच दिन के ट्रॉयल के बाद एक अगस्त से स्मार्ट आरसी जारी होने लगेंगे. अभी यूपी में स्मार्ट डीएल बनाए जा रहे हैं.

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