कभी तेज धूप तो कभी बादल और बारिश, UP में मौसम भी हो रहा कंफ्यूज; कब शुरू होगी सर्दी?
उत्तर प्रदेश में मौसम का अजीब मिजाज है. कभी तेज धूप तो कभी बारिश और बादल छा रहे हैं. पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह उतार-चढ़ाव अगले एक हफ्ते तक रह सकता है. खासकर पश्चिमी यूपी प्रभावित होगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 अक्टूबर के बाद "गुलाबी ठंड" की शुरुआत होगी.
उत्तर प्रदेश का मौसम भी कंफ्यूज हो रहा है. कभी तेज धूप हो रही है तो कभी आसमान में बादल छा जा रहे हैं. फिर कभी आंधी चलने लग रही है तो कभी बारिश का दौर शुरू हो जा रहा. शुक्रवार को भी उत्तर प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही. पूरे प्रदेश में सुबह की शुरूआत तो चटख धूप के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने लगा. देखते ही देखते आसमान में घने काले बादलों के साथ तेज हवाएं चलने लगीं.
भारतीय मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र से जारी इनपुट के मुताबिक शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई है. वहीं कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं की गति 15 से 20 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई. यह स्थिति पहाड़ी राज्यों में पैदा हुए नए मौसमी तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बनी है. माना जा रहा है कि प्रदेश में यह स्थिति अगले एक हफ्ते तक बनी रह सकती है.
पूर्वांचल में साफ रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक ताजा मौसमी सिस्टम की वजह से पूर्वांचल में तो मौसम साफ रहेगा. हालांकि पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के इलाकों में मौसम में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी. इसकी वजह से मेरठ, मुरादाबाद और आगरा से लेकर झांसी, चित्रकूट तक कभी चटख धूप हो सकती है, तो कभी बौछारों की वजह से मौसम ठंडा हो सकता है. माना जा रहा है कि 15 अक्टूबर के बाद मौसम में बदलाव होगा और इसके बाद यूपी में गुलाबी ठंड की शुरूआत हो सकती है.
गुलाबी ठंड लेकर आएगी नवरात्रि
मौसम विभाग के पूर्वांनुमान के मुताबिक दिन और रात के तापमान में अभी किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है. हालांकि 15 अक्टूबर के सुबह और शाम को गुलाबी ठंड की शुरूआत हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी कुछ दिनों तक दिन और रात का तापमान स्थिर रह सकता है. लेकिन सुबह और शाम को पड़ने वाली गुलाबी सर्दी का असर पूरे दिन देखने को मिल सकता है. इससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.
