वृंदावन गुरुकुलम में बड़ा हादसा, टैंक में उतरे 4 बच्चों की मौत; 5वें छात्र ने बताया खौफनाक मंजर
वृंदावन के महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में दुखद घटना हुई. टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने से चार छात्रों की मौत हो गई. पांचवें छात्र रुद्र ने इस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बताया है. पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
भगवान श्रीकृष्ण की रासस्थली वृंदावन में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में सफाई करने टैंक में उतरे 4 बच्चों की जहरीली गैस में दम घुटने की वजह से मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के तमाम आला अफसर मौके पर पहुंचे और प्राथमिक जांच के बाद मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए हैं. वहीं हादसे के बाद टैंक में उतरे 5वें छात्र रुद्र ने इस खौफनाक हादसे का आंखो देखा हाल सुनाया है.
रुद्र ने बताया कि टैंक की सफाई के लिए 4 छात्र अंदर गए थे, लेकिन जब उनकी कोई हलचल नहीं मिली तो गुरूजी ने उसे अंदर भेजा. जब वह खुद टैंक में उतरा तो वहां की स्थिति देखकर खुद दहशत में आ गया. चारों बच्चे अंदर बेहोश पड़े थे. उसने चारों बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद भी कुछ ही मिनटों के अंदर टैंक में भरी जहरीली गैस के प्रभाव में आकर बेहोश होने लगा. उसे लगा कि कुछ देर और अंदर रहा तो उसकी जान भी खतरे में आ सकती है.
अंदर से चिल्लाया तो मिली मदद
रुद्र के मुताबिक जब उसे सांस लेने में परेशानी हुई और बेहोशी छाने लगी तो उसने मदद के लिए जोर से गुरुजी का नाम लेकर चिल्लाया. उसकी आवाज सुनकर बाहर मौजूद लोगों ने हाथ बढ़ाकर उसे बाहर खींच लिया. इससे उसकी जान बच गई. इसके बाद टैंक में अंदर फंसे बच्चों को एक-एक कर बाहर निकालकर उनकी हालत को देखते हुएअस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने चारों बच्चों को मृत घोषित कर दिया है.
हादसे का आंखों देखा हाल
रुद्र के मुताबिक टैंक की सफाई के लिए गुरुजी ने कहा था. इसके बाद एक-एक कर चार बच्चे टैंक में नीचे गए. टैंक में जहरीली गैस भरी थी, इसलिए कुछ ही समय में चारों बच्चे टैंक के अंदर बेहोश हो गए. इधर, जब उनकी कोई हलचल नहीं मिली तो गुरुजी ने उसे जाकर देखने को कहा. इसके बाद वह खुद टैंक में उतरा. देखा तो चारों बच्चे बेहोश थे. रुद्र के मुताबिक उसने बच्चों को उठाकर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी खुद की हालत खराब होने लगी.
मौके पर पहुंचे डीएम-एसएसपी
हादसे की सूचना मिलने पर मथुरा के डीएम और एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की. डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के मुताबिक इस हादसे में मृत छात्रों की पहचान मनु कटारे (20), देवांश (17), विशु (18) और आर्यन (18) के रूप में हुई है. जबकि आखिर में टैंक में उतरे छात्र रुद्र (18) की स्थिति गंभीर है. फिलहाल उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. डीएम के मुताबिक मनु और देवांश मध्य प्रदेश के जबलपुर और विदिशा के रहने वाले थे, जबकि आर्यन कौशांबी व विशु मेरठ का रहने वाला था.
डीएम ने बताई हादसे की कहानी
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के मुताबिक गुरुकुलम में करीब 12 फीट गहरे टैंक में पानी का सबमर्सिबल टैंक लगा है. जांच में पता चला कि पानी में बदबू आ रही थी, इसलिए टैंक को साफ करने के लिए चार बच्चों को टैंक में उतारा गया था. उन्होंने बताया कि संभवतः टैंक में जहरीली गैस भरी थी, जिसकी वजह से 4 बच्चों की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच हो रही है, इसमें जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा रही है.
