VIP चीफ मुकेश सहनी की नजरबंदी फिर बढ़ी, शाहजहांपुर दौरे पर रोक; सियासत गरमाई
यूपी पुलिस ने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को लखनऊ में फिर नजरबंद किया. शाहजहांपुर दौरे पर रोक लगाने से राजनीतिक विवाद गहरा गया है. पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया, जबकि सहनी इसे निषाद समाज के अधिकारों की आवाज दबाने का प्रयास बता रहे हैं.
लखनऊ विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर उनके लखनऊ स्थित आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) रखा है. शाहजहांपुर और अन्य जिलों के प्रस्तावित दौरे पर रोक लगाए जाने के बाद मंगलवार को भी पुलिस की निगरानी जारी रही, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक गहरा गया है.
वीआईपी की ओर से आरोप लगाया गया कि पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी को अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका जा रहा है. पार्टी का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका का हवाला देते हुए उनके आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है. वहीं, मुकेश सहनी ने कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया.
विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास- मुकेश सहनी
मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को कमजोर करने के उद्देश्य से उन्हें रोका जा रहा है. हनी ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी.
पार्टी के अनुसार, मुकेश सहनी का शाहजहांपुर और मिर्जापुर सहित कई जिलों का दौरा प्रस्तावित था, पुलिस द्वारा नजरबंद करना अलोकतांत्रिक है. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें लखनऊ से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी. प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
नजरबंदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
वहीं, VIP के प्रमुख मुकेश सहनी की नजरबंदी को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. तमाम विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन अपने निर्णय को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहा है. फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश और निषाद समाज की राजनीति में हलचल बनी हुई है.