विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: CM योगी बोले- कांग्रेस ने सत्ता के लिए देश को बांट दिया

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने आरोप लगाया कि 1947 में कांग्रेस नेताओं की प्राथमिकता किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना थी, जिसके कारण देश का विभाजन हुआ और करोड़ों लोगों को विस्थापन व हिंसा का सामना करना पड़ा. कार्यक्रम से पहले योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और मेयर सुषमा खर्कवाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक मौन पदयात्रा निकाली.

मौन यात्रा निकालते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि 1947 में कांग्रेस के नेताओं की प्राथमिकता किसी भी तरह सत्ता हासिल करना थी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की इसी लिप्सा में देश का विभाजन हुआ और करोड़ों लोगों को विस्थापन और हिंसा का दंश झेलना पड़ा.

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल ने हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक करीब आधा किलोमीटर की मौन पदयात्रा निकाली. पदयात्रा के जरिए विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई.

‘कांग्रेस ने देश के साथ विश्वासघात किया’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने 1947 में देश के साथ विश्वासघात किया. उन्होंने कहा कि उस समय कुछ लोगों की नजर देश की सत्ता पर थी और वे किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहते थे. योगी ने कहा कि आज भी उनकी राजनीतिक मंशा में बदलाव नहीं आया है. सीएम ने आरोप लगाया कि विभाजन के दौरान सिंधी, पंजाबी और अन्य हिंदू समुदायों को उनकी जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस भू-भाग को पाकिस्तान मांग भी नहीं रहा था, उसे भी पाकिस्तान को दे दिया गया. योगी ने कहा कि करोड़ों लोगों को अपनी ही मातृभूमि और जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. लाखों हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को हिंसा और नरसंहार का सामना करना पड़ा.

‘देश को जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटा गया’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की गुलामी का एक बड़ा कारण समाज का आपसी विभाजन और षड्यंत्र थे. उन्होंने कहा कि भारत के पास बल, बुद्धि और संपदा की कोई कमी नहीं थी, इसके बावजूद विदेशी आक्रांताओं को सफलता मिली. योगी ने कहा कि समाज को जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटा गया, लोगों को यह कहकर चुप कराया गया कि दूसरे समुदाय या जाति पर अत्याचार हो रहा है तो उससे उनका क्या लेना-देना है. उन्होंने कहा कि इसी तरह की राजनीति ने समाज को कमजोर किया.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का भी उठाया मुद्दा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों का भी जिक्र किया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को आशंका रहती है कि अगर वे हिंदुओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर बोलेंगे तो उनका वोट बैंक प्रभावित हो जाएगा. योगी ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के लिए दलित हिंदुओं का वोट महत्वपूर्ण नहीं है. उन्होंने कहा कि देश के बाहर या सीमा से लगे क्षेत्रों में रहने वाले हिंदुओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को भी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.

‘विभाजन विभीषिका दिवस का उद्देश्य अतीत से सीखना’

सीएम योगी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य किसी के प्रति नफरत पैदा करना नहीं, बल्कि अतीत की गलतियों से सीख लेना है. उन्होंने कहा कि इतिहास को याद करने की जरूरत इसलिए है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां दोबारा न हों. नई पीढ़ी को भी विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और पीड़ा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए.

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत में हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य 1947 में देश के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और लोगों की पीड़ा को याद करना है. विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर भारत और पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में पलायन करना पड़ा था. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की उस त्रासदी को याद करते हुए कांग्रेस की तत्कालीन भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि इतिहास की गलतियों से सीख लेकर भविष्य में देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना जरूरी है.

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