FIR दर्ज होने के बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर क्या बोले CM योगी?
देवरिया की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और धार्मिक आस्था पर कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जनआस्था से खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई होगी. सीएम योगी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए बताया कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित एक जनसभा के दौरान कानून-व्यवस्था, धार्मिक आस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया. राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार, जन आस्था के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ को पूरी तरह अस्वीकार्य मानती है और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में धार्मिक आयोजनों, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था के पालन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि चाहे मोहर्रम हो, रामनवमी हो या कांवड़ यात्रा—हर धार्मिक आयोजन शांति और अनुशासन के साथ होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब किसी भी प्रकार के उपद्रव या अराजकता की अनुमति नहीं दी जाएगी और यदि कोई व्यक्ति या समूह माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर क्या बोले?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जन आस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ सरकार किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति साफ है— कानून सबके लिए समान है और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि मोहर्रम जैसे अवसरों पर इस बार प्रदेश में व्यापक शांति बनी रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई. उनके अनुसार, प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के कारण हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहे और किसी भी प्रकार का असामाजिक तत्व सक्रिय नहीं हो सका.
अयोध्या पर बयान और SIT जांच का उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का भी जिक्र किया और इसे सभी की आस्था का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि अयोध्या पर किसी भी प्रकार के आक्षेप स्वीकार नहीं किए जाएंगे और वहां श्रीराम की मर्यादा के अनुरूप ही वातावरण बनाए रखने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है. सीएम योगी ने अपने भाषण में एसआईटी रिपोर्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले ही यह स्पष्ट किया गया था कि रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
सीएम योगी आदित्यनाथ के अनुसार, अब SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और नेता लगातार अयोध्या और धार्मिक आस्थाओं पर सवाल उठाते रहे हैं, वही लोग आज आस्था पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिन्होंने पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे.
कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर जोर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वही वर्ग है जिसने अयोध्या के महत्व को लंबे समय तक नकारने का प्रयास किया और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय बदल चुका है और जनता सब कुछ समझती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास ही नहीं, बल्कि मजबूत कानून-व्यवस्था भी है. उन्होंने कहा कि जो लोग जय श्रीराम जैसे नारों या धार्मिक यात्राओं के दौरान हिंसा या उपद्रव की स्थिति पैदा करते थे, उनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है.
सीएम योगी ने यह भी आरोप लगाया कि पहले की सरकारों के दौरान रामनवमी और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों में प्रतिबंध और बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार सभी धार्मिक आयोजनों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान कर रही है. सीएम ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव या सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है और प्रशासन इसे सुनिश्चित करेगा.
