मिट गए मिटाने वाले… पहले अयोध्या-काशी, अब मथुरा की बारी; वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान

अखिल भारतीय किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कहा कि अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने का समय आ गया है. उन्होंने सनातन धर्म को मिटाने के प्रयासों को विफल बताते हुए कहा कि सनातन शाश्वत है. हिमांगी सखी ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सनातन धर्म के संरक्षण में भूमिका की भी सराहना की.

महामंडलेश्वर हिमांगी सखी

अखिल भारतीय किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी मुक्त हो चुकी है, अब मथुरा की बारी है. जल्द ही मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि भी मुक्त हो जाएगी. इसके बाद भव्य और दिव्य मंदिर बनेगा. सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करते वृंदावन पहुंची महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने यहां मीडियो से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कई लोग सनातन को मिटाने की बात करते हैं, लेकिन उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए.

महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कहा कि पहले भी कई लोगों ने सनातन को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वो खुद ही मिट गए. सनातन धर्म सनातन काल से है, आगे भी रहेगा. इस मौके पर उन्होंने और प्रदेश के नेतृत्व की सराहना की. कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से आज देश सुरक्षित हाथों में है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सनातन के संरक्षण के लिए किए गए काम की सराहना की.

जल्द बदलेगी कान्हा की नगरी

किन्नर महामंडलेश्वर ने कहा कि वह समय आ गया है कि जिसका सनातनी को सदियों से इंतजार था. भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी करवट ले चुकी है. भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं. अब भगवान श्रीकृष्ण की बारी है. जल्द ही मथुरा की पावन भूमि को मुक्त कराकर भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा और दुनिया देखेगी. भगवान की जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

अभिन्न है किन्नर समाज और सनातन धर्म

महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने कहा कि किन्नर समाज सनातन धर्म से अलग नहीं है. किन्नर समाज आदिकाल से ही सनातन धर्म का एक अभिन्न हिस्सा रहा है. उन्होंने रामायण काल का एक प्रसंग भी सुनाया. कहा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर भगवान राम ने किन्नर समाज को विशेष वरदान दिया था. महाकाल नगरी उज्जैन में अखिल भारतीय किन्नर अखाड़ा हमेशा से धर्म की ध्वजा फैला रहा है.

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