‘वो तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत ही थी… ‘ DNA रिपोर्ट से खुलासा, 4 महीने पहले मर्डर; इस हाल में मिला था शव

मेरठ के मवाना में मिले अज्ञात शव की DNA रिपोर्ट ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी है. मृतका की पहचान तुर्कमेनिस्तान की 40 वर्षीय मुहब्बत सुनातोना के रूप में हुई है. पहले इसे अर्चिता अरोड़ा समझा गया था. पुलिस ने बताया कि अविका होटल में पैसों के लेनदेन विवाद में हत्या कर शव जलाकर फेंका गया था. पुलिस ने होटल मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

मुहब्बत की फाइल फोटो

मेरठ के मवाना में चार महीने पहले एक महिला की लाश मिली थी. अब उसकी पहचान तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत के रूप में हुई है. पहले इस मृत महिला की पहचान पहले दिल्ली निवासी अर्चिता अरोड़ा के रूप में हुई थी. हालांकि जांच में पता चला कि असल में वह अर्चिता अरोड़ा नहीं, बल्कि तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली 40 वर्षीय मुहब्बत सुनातोना है. डीएनए जांच में पुष्टि होने के साथ ही पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी भी सुलझा ली है.

पुलिस के मुताबिक जल्द ही मुहब्बत की अस्थियां उसकी मां को सौंप दी जाएंगी. पुलिस ने मुहब्बत को अर्चिता अरोड़ा समझकर हिंदू रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार करया था. पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी 2026 को मवाना क्षेत्र में एक महिला का जला हुआ शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना भी मुश्किल था. हालांकि मौके से मिले आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा के रूप में की थी.

अविका होटल में हुई थी हत्या

पुलिस की जांच में पता चला कि रिठानी स्थित अविका होटल में इस महिला की हत्या की गई थी. वारदात के बाद शव को कार में डालकर मवाना इलाके में ले जाकर फेंक दिया गया. इस मामले में पुलिस ने होटल संचालक चंचल कुमार उर्फ बंटी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन शराब पार्टी के दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद के दौरान आरोपियों ने महिला का कंबल से मुंह दबाकर कत्ल कर दिया.

ऐसे हुई शव की पहचान

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे और हाथों को जला दिया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस महिला के फोन की कॉल डिटेल्स में चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना नाम की महिला का नंबर मिला. उससे पूछताछ हुई तो उसने महिला की असली पहचान मुहब्बत के रूप में की. बताया कि अर्चिता अरोड़ा उसका असली नाम नहीं था. इसके बाद दिल्ली में रह रही विदेशी महिला अजीजा ने जले हुए शव की तस्वीरें तुर्कमेनिस्तान निवासी मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा को वीडियो कॉल पर दिखाईं. तब उसकी मां ने बेटी के ईयररिंग्स और ब्लैक टॉप देखकर उसकी पहचान कर ली थी.

पुष्टि के लिए कराया डीएनए टेस्ट

तुर्कमेनिस्तान से नाजमुदिनोवा गुलनारा नाम की महिला ने वीडियो कॉल कर दावा किया कि शव उसकी बेटी मुहब्बत का है. उसने पुलिस से बेटी की अस्थियां मांगीं, लेकिन पुलिस के पास कानूनी तौर पर इसकी पुष्टि नहीं थी, इसलिए अस्थियां नहीं सौंपी गईं. बाद में मृतका कि मां द्वारा डीएनए टेस्ट की मांग करने पर पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया. इसके लिए मुहब्बत की मां के रक्त के नमूने लिए गए और शव के अवशेषों से उनका मिलान कराया गया. रिपोर्ट मैच होने के बाद अब साफ हो गया कि शव मुहब्बत का ही था.

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