मऊ में मुख्तार की विरासत का सवाल! सपा दफ्तर में दिखे अब्बास, क्या पीले गमछे से भंग हुआ मोह?

मऊ में अब्बास अंसारी का सपा कार्यालय में दिखना राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है. कयास है कि वे सुभासपा छोड़कर साइकिल पर सवार हो सकते हैं. यह कदम मुख्तार अंसारी की विरासत, मऊ की राजनीति और आने वाले विधानसभा चुनावों में ओमप्रकाश राजभर के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है. सपा को मऊ में अपने मजबूत वोटबैंक का फायदा मिल सकता है, जिससे समीकरण बदलेंगे.

मऊ विधायक अब्बास अंसारी

उत्तर प्रदेश में जैसे जैसे विधानसभा चुनावों के दिन करीब आ रहे हैं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की जुबानी जंग तेज होती जा रही है. इसी बीच पाला बदलने का खेल भी तेजी से शुरू हो गया है. सुभासपा विधायक और कुख्यात बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी कुछ ऐसा ही करने के मूड में नजर आ रहे हैं. बड़े दिनों बाद उन्हें सपा के जिला कार्यालय में देखा गया है. माना जा रहा है कि जल्द ही वह ओमप्रकाश राजभर का दिया पीला गमछा छोड़ कर साइकिल की सवारी कर सकते हैं.

दरअसल, अब्बास अंसारी के सपा खेमे में वापसी की पटकथा कोई नहीं नहीं है, लेकिन इसे समझने के लिए पिछले विधानसभा चुनावों की परिस्थिति पर नजर डालनी होगी. उन दिनों मुख्तार अंसारी जेल में थे, हालांकि सपा के साथ उनकी गलबहियां थीं. इधर, सपा का सुभासपा के साथ गठबंधन था. उन दिनों अखिलेश मिस्टर क्लीन बनने की भी कोशिश में थे. ऐसे में उन्होंने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को अपनी पार्टी से टिकट देने के बजाय सुभासपा के टिकट पर मैदान में उतार दिया था.

अब बदल गई है परिस्थिति

उस चुनाव में सुभासपा के टिकट पर अब्बास अंसारी जीत भी गए. हालांकि कुछ दिनों के बाद जब सपा के साथ सुभासपा का गठबंधन टूट गया तो बलिया, गाजीपुर और मऊ की राजनीतिक परिस्थिति भी बदल गई. खासतौर पर मऊ और गाजीपुर की राजनीति में मुख्तार परिवार का दखल था. वहीं सपा का इन दोनों जिलों में मजबूत वोटबैंक भी है. ऐसे में अब्बास को भी एहसास हो गया है कि बिना साइकिल की सवारी के यह समर नहीं जीता जा सकेगा. उनके सपा कार्यालय में नजर आने का संदेश भी यही है.

क्या ओमप्रकाश को होगा नुकसान?

मुख्तार अंसारी की परंपरागत सीट मऊ विधानसभा पर अभी ओमप्रकाश राजभर का कब्जा है. इसी सीट से अब्बास अंसारी विधायक हैं. ऐसे में सवाल यह है कि अब्बास के पाला बदलने से ओमप्रकाश को नुकसान होगा क्या? इसका जवाब साफ है, राजनीति के जानकारों के मुताबिक इस सीट पर सुभासपा का कोई प्रभाव नहीं है. पिछले चुनाव में सपा और मुख्तार के वोटबैंक की वजह से यह सीट सुभासपा की झोली में गिरी थी. इसका एहसास ओम प्रकाश राजभर को भी है.

वायरल हो रहा वीडियो

मऊ में सपा दफ्तर का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में अब्बास अंसारी सपा कार्यालय में मौजूद एक बुजुर्ग महिला से बात करते नजर आ रहे हैं. वह हंसी मजाक के मूड में हैं और बुजुर्ग महलता के घर लस्सी भिजवाने की बात कर रहे हैं. माना जा रहा है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है. संदेश साफ है कि अब्बास अब घर वापसी की तैयारी में है. इस बात को कुछ समय पहले सुभासपा प्रमुख ने भी बड़ी साफगोई से स्वीकार किया था. उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि अब्बास भले ही उनकी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते हैं, लेकिन उनके विधायक नहीं हैं. उन्हें अखिलेश ने चुनाव लड़ाया था. हालांकि इस संबंध में अब्बास की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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