जाम का झंझट होगा खत्म! मेरठ एक्सप्रेसवे से सीधे पहुंच सकेंगे गंगा एक्सप्रेसवे
दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है. मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली करीब 14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड का निर्माण अंतिम चरण में है. एनएचएआई के अनुसार, 83 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसे अक्टूबर तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी है.
दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली करीब 14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, यह लिंक रोड अक्टूबर में यातायात के लिए खोल दी जाएगी. इससे दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा के लोगों को फायदा होगा.
यह लिंक रोड पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है. खास बात यह है कि इसके चालू होने के बाद वाहन चालकों को मेरठ शहर के भीतर ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. गौरतलब है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त हाई-स्पीड कॉरिडोर में से एक है. दूसरी ओर गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में है.
14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड
अब इन दोनों हाई-स्पीड कॉरिडोरों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए मेरठ में लगभग 14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड बनाई जा रही है. निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम चरण की औपचारिकताएं चल रही हैं. परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से आने वाले वाहन बिना किसी अतिरिक्त डायवर्जन के सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी.
मेरठ शहर के ट्रैफिक से मिलेगी राहत
फिलहाल दिल्ली या गाजियाबाद से आने वाले कई वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे की ओर जाने के लिए मेरठ शहर के आसपास के मार्गों का उपयोग करना पड़ता है. इससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन जाती है. नई लिंक रोड शुरू होने के बाद शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता कम होगी. लंबी दूरी के वाहन सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर का उपयोग कर सकेंगे. स्थानीय ट्रैफिक पर दबाव घटेगा. यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी.
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और मेरठ से पश्चिमी तथा मध्य उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को मिलेगा. साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद प्रयागराज, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और अन्य जिलों तक जाने वाले लोगों के लिए भी यह लिंक रोड बेहद उपयोगी साबित होगी. यह परियोजना केवल आम यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि माल परिवहन क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अभी कहां तक पहुंचा निर्माण?
यह लिंक रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का ही हिस्सा है. 14.6 किलोमीटर लंबे यह लिंक रोड मेरठ (9.130 किलोमीटर) और गाजियाबाद (5.470 किलोमीटर) से गुजरेगा. यह गाजियाबाद के चूड़ियाला, तल्हैटा और जैनुद्दीनपुर से होकर निकल रहा है, जबकि मेरठ के सात गांवों से होकर गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगा. अभी काम 83 फीसदी तक पूरा हो चुका है. अधिकारियों का कहना है कि इसे अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा.
