अब कहां अटका गंगा एक्सप्रेसवे? माघ मेला से पहले होना था शुभारंभ, जानें ताजा अपडेट

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन लगातार टल रहा है. पहले महाकुंभ, फिर माघ मेले से पहले खुलने का दावा था, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुआ. निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और टोल प्लाजा का ट्रायल चल रहा है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की हरी झंडी मिलने पर इसका शुभारंभ 26 जनवरी के बाद किया जाएगा. मेरठ से प्रयागराज तक इसमें दो बार टोल का भुगतान करना होगा.

मेरठ से प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे Image Credit:

उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. पहले यह एक्सप्रेसवे महाकुंभ से पहले खुलने वाला था, लेकिन उस समय काफी काम शेष होने की वजह से एक साल का समय बढ़ा दिया गया. वह समय भी पूरा हो गया तो दावा किया गया कि माघमेला से पहले इसे खोल दिया जाएगा, लेकिन आज माघमेला भी शुरू हो गया. बावजूद इसके अभी तक इस एक्सप्रेसवे पर आवागमन शुरू नहीं हो सका है. पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में यूपीडा के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट पूरा होने की रिपोर्ट दी है.

इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा व एग्जिट-एंट्री का ट्रॉयल कराया जा रहा है. शुक्रवार को मेरठ के पास खड़खड़ी टोल प्लाजा के सभी आठ टोल बूथों का परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में सभी टोलबूथ पास हो गए. इन सभी टोलबूथों से गाड़ियां क्रास कराई गई, जहां फास्टैग का स्कैनर बढ़िया काम करता मिला. इससे बिना रूके गाड़ियां टोल बूथ को क्रास कर गईं. अधिकारियों के मुताबिक 594 किमी लंबे इस गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. अब सरकार की हरी झंडी मिलते ही इसे ट्रॉयल के लिए खोल दिया जाएगा.

कब होगा उद्घाटन?

गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समय मिल गया तो 26 जनवरी के बाद इसका उद्घाटन हो जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे पर मेरठ से बदायूं तक 130 किमी लंबे पैच में अब कोई काम शेष नहीं है. वहीं इसके आगे प्रयागराज के तीनों पैच में फीनिसिंग का काम चल रहा है. हालांकि इससे एक्सप्रेसवे के ट्रॉयल पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गंगा एक्सप्रेसवे की संचालनकर्ता एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे को कभी भी ट्रॉयल के लिए खोला जा सकता है.

दो बार कटेगा टोल?

मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे पर दो बार टोल कटेगा. दरअसल इस एक्सप्रेसवे के चार पैकेज हैं. इनमें से तीन बैकेज तो अडानी समूह के पास है, लेकिन चौथा पैकेज आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास है. यह दोनों कंपनियां अलग अलग टोल वसूल करेंगी. ऐसे में मेरठ से बदायूं तक का टोल आईआरबी वसूल करेगी. इसके बाद आगे का टोल अडानी समूह वसूल करेगा. ऐसे में मेरठ से चलते समय आपका फास्टैग पहली बार एंट्री पॉइंट पर स्कैन होगा और बदायूं में टोल कट जाएगा. इसके बाद प्रयागराज में टोल कटेगा. इसी प्रकार प्रयागराज से आते समय एक बार बदायूं में और दूसरी बार मेरठ में टोल राशि कट जाएगी.