‘दिमाग ठीक कर दूंगा…’, SHO पर भड़के मेरठ BJP अध्यक्ष, ये है वजह

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को 21 जनवरी को मेरठ सर्किट हाउस पहुंचना था. उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे. ऐसे में कुछ पदाधिकारी सर्किट हाउस के अंदर की हॉल में जाकर भी बैठ गए. इसपर इंस्पेक्टर सिविल लाइन सौरभ शुक्ला ने इन सभी पदाधिकारियों को हॉल से बाहर निकाल दिया. इसकी जानकारी जब मेरठ बीजेपी महानगर अध्यक्ष को हुई तो वह भड़क गए.

महानगर बीजेपी अध्यक्ष विवेक रस्तोगी

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक बुधवार यानी 21 जनवरी को मेरठ सर्किट हाउस पहुंचने वाले थे लेकिन उससे पहले ही वहां बखेड़ा खड़ा हो गया. दरअसल, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी को जानकारी मिली की हॉल में बैठे पदाधिकारी को पुलिस ने बाहर निकाल दिया. फिर क्या था विवेक रस्तोगी दनदनाते हुए सर्किट हाउस पहुंच और SHO पर बरस पड़े.

दिमाग ठीक कर दूंगा- विवेक रस्तोगी

उन्होंने SHO से कहा कि दिमाग ठीक कर दूंगा. किसने सूची मांगी, तुम्हारे स्टाफ ने कैसे लिस्ट मांगी. तुम्हें बता रहा हूं, बिल्कुल ठीक हो जाओ. कार्यकर्ताओं की बेइज्जती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. शोर सुनकर CO सिविल लाइन अभिषेक तिवारी वहां पहुंचे और स्थिति को संभाला.

पदाधिकारियों को हॉल से बाहर निकालने पर हुआ विवाद

बता दें कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को 21 जनवरी को मेरठ सर्किट हाउस पहुंचना था. ऐसे में उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे. ऐसे में कुछ पदाधिकारी सर्किट हाउस के अंदर की हॉल में जाकर भी बैठ गए. इसपर इंस्पेक्टर सिविल लाइन सौरभ शुक्ला ने इन सभी पदाधिकारियों को हॉल से बाहर निकाल दिया.

CO सिविल लाइन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली

इंस्पेक्टर सिविल लाइन सौरभ शुक्ला के हॉल से बाहर निकालने पर पदाधिकारी नाराज हो गए. ऐसे में उन्होंने इस वाकये की सूचना महानगर भाजपा अध्यक्ष विवेक रस्तोगी को दी. शिकायत मिलते ही विवेक रस्तोगी सर्किट हाउस पहुंचे और SHO पर भड़क गए. लेकिन CO सिविल लाइन अभिषेक तिवारी के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली.

विवेक रस्तोगी ने क्या बताया?

अब इस वाकये पर बीजेपी महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि यहां कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई है. उनसे लिस्ट मांगते हुए हॉल से भी बाहर निकाल दिया गया. इनमें कई महिला कार्यकर्ता भी थी. मुझे जब इसकी जानकारी मिली तो मैं तुरंत यहां पहुंचा. हम अपने कार्यकर्ताओं का अपमान बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.