मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद के नाम पर मेरठ में चंदा! BJP विधायक के आरोप से हड़कंप

पश्चिम बंगाल की मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद के नाम पर मेरठ में चंदा मांगने का विवाद गहरा गया है. भाजपा विधायक अमित अग्रवाल ने संदिग्ध लोगों पर साजिश का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. विधायक के अनुसार ये लोग प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आगमन से पहले अशांति फैलाना चाहते थे. हालांकि, पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया, जिससे विधायक ने गृह सचिव से शिकायत की है.

बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने पर बवाल

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद का विवाद उत्तर प्रदेश के मेरठ तक पहुंच गया. हिंदू संगठनों ने यहां इस मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने वालों को पकड़ लिया. इसके बाद सूचना कैंट विधानसभा के विधायक अमित अग्रवाल को दी. फिर उन्होंने पुलिस में शिकातय दी है. उधर, पुलिस ने पूछताछ के बाद पकड़े गए लोगों को छोड़ दिया. इस घटना को लेकर विधायक ने अब गृह सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अफसरों को शिकायत की है.

विधायक अमित अग्रवाल के मुताबिक इन दिनों में मेरठ में समाज विशेष के कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं. ये लोग हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों में भी घूमकर मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांग रहे हैं. चूंकि इस समय शहर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मौजूद हैं. रविवार को ही यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आ रहे हैं. इसी बीच ये संदिग्ध लोग दुकानों में घुसकर मस्जिद के नाम पर चंदा मांग रहे हैं.

विधायक ने लगाए आरोप

सूचना मिलने पर पहुंचे विधायक अमित अग्रवाल ने बताया कि चंदा मांगने के बहाने घूम रहे ये संदिग्ध लोग कश्मीर, बंगाल और असम से आए हैं. उन्होंने पुलिस से इन सभी लोगों को अरेस्ट करने और विधिवत पूछताछ करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के ही इन लोगों को छोड़ दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई. कहा कि इस संबंध में गृह सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत भेजी जा रही है.

क्या कहती है पुलिस?

विधायक के आरोपों को मेरठ पुलिस ने खारिज किया है. मेरठ पुलिस का कहना है कि रमजान के महीने में मुसलमान हर साल यहां आते हैं और चंदा मांगते हैं. पुलिस के मुताबिक विधायक ने जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी, उन लोगों को थाने लाया गया था. सत्यापन के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा, इसलिए जरूरी पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है. पुलिस के मुताबिक इनमें कई लोग बिहार और बंगाल के थे. वहीं कुछ असम के लोग भी इनके साथ मौजूद थे.