मुरादाबाद में भू-माफियाओं की नींद उड़ी! 21 साल बाद चकबंदी पूरी, 62 हेक्टेयर सरकारी जमीन वापस
मुरादाबाद में 21 साल से लंबित रसूलपुर नगली चकबंदी प्रक्रिया पूरी हुई है. जिलाधिकारी के नेतृत्व में 62 हेक्टेयर सरकारी भूमि भू-माफियाओं के अवैध कब्जों से मुक्त कराकर '1359 फसली खतौनी' में दर्ज की गई. प्रशासन के इस सख्त कदम ने बड़े-बड़े कब्जेदारों की रातों की नींद उड़ा दी.
मुरादाबाद की तहसील सदर के ग्राम रसूलपुर नगली में पिछले 21 सालों से लंबित चल रही चकबंदी प्रक्रिया आखिरकार सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है. प्रशासन की कार्रवाई के बाद 62.3210 हेक्टेयर अतिरिक्त सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लिया गया है. इसके बाद सरकारी जमीन पर लंबे समय से कब्जे और गलत इंद्राज के मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई है.
ग्राम रसूलपुर नगली को 5 फरवरी 2005 को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल किया गया था. उस समय पुरानी खतौनी में गांव में महज 6.8430 हेक्टेयर सरकारी भूमि दर्ज थी. चकबंदी के दौरान रिकॉर्ड की जांच की गई तो कई सरकारी जमीनों के रकबे में गड़बड़ी सामने आई. इसके बाद प्रशासन और चकबंदी विभाग की टीमों ने रिकॉर्ड का विस्तृत सत्यापन शुरू किया.
62 हेक्टेयर सरकारी जमीन रिकॉर्ड में वापस
जिलाधिकारी एवं जिला उप संचालक चकबंदी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और चकबंदी विभाग के प्रयास से गांव में सालों से सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया. अब गांव में 62.3210 हेक्टेयर की रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए कुल 69.1640 हेक्टेयर सरकारी भूमि को सुरक्षित कर 1359 फसली खतौनी के अनुरूप मूल मदों में दर्ज कर लिया गया है.
तहसील से प्राप्त पुरानी खतौनी में रामगंगा नदी, बहती नदी और रेत की करीब 39 हेक्टेयर भूमि सहित विभिन्न सरकारी मदों का रकबा कागजों में गलत इन्द्राज करके खुर्द-बुर्द कर दिया गया था. चकबंदी के दौरान जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने इन सभी त्रुटिपूर्ण और फर्जी इन्द्राजों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है.
भू-माफियाओं के हौसले पस्त, ग्रामीणों में खुशी
इसके साथ ही, नदी, रामगंगा, नवीन परती, पुरानी परती, बंजर, तालाब और रेत की जमीनों को उनके मूल श्रेणी-6 के मदों में वापस दर्ज कर लिया गया है. इस कार्रवाई से लंबे समय से सरकारी जमीन पर कुंडली मारकर बैठे भू-माफियाओं के हौसले पस्त हो गए हैं और ग्राम समाज की बहुमूल्य संपत्ति को पूरी तरह से मुक्त करा लिया गया है.
चकबंदी प्रक्रिया के बाद अब रसूलपुर नगली में जनसुविधाओं का खाका भी नए सिरे से तैयार किया गया. श्मशान, कब्रिस्तान और अंबेडकर पार्क जैसी सार्वजनिक उपयोग की जगहों के लिए भूमि संरक्षित की गई है. इसके अलावा, गांव की आबादी का रकबा बढ़ाने के साथ-साथ मुख्य मार्ग और चकमार्गों का निर्माण कराया गया है. इससे गांव में खुशी है.