मुरादाबाद से अलीगढ़ 2 घंटे, 3 घंटे में आगरा; 69 गांवों से होकर गुजरेगा नया 4-लेन हाई-वे
मुरादाबाद को अलीगढ़ से जोड़ने वाला नया 4-लेन हाईवे मुरादाबाद वासियों के लिए बड़ी राहत लाएगा. यह अलीगढ़ की दूरी 2 घंटे और आगरा की 3 घंटे कर देगा. गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर यह कॉरिडोर पीतल उद्योग और मूर्ति कारोबार को नई 'संजीवनी' देगा.
उत्तर प्रदेश में तेजी से फैलते सड़क नेटवर्क के बीच मुरादाबाद वासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुरादाबाद-चंदौसी-अलीगढ़ हाईवे को हाई-स्पीड 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में अपग्रेड करने जा रहा है. इस मेगा प्रोजेक्ट के बनने से अलीगढ़ की दूरी 2 घंटे, आगरा जाने में केवल 3 घंटे लगेंगे.
इस परियोजना से मुरादाबाद, संभल, बदायूं और अलीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है. फिलहाल मुरादाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर चंदौसी, बबराला और दूसरे कस्बों में ट्रैफिक दबाव के कारण यात्रियों को कई बार लंबा समय लग जाता है. रेलवे क्रॉसिंग और कस्बाई इलाकों में जाम भी सफर को प्रभावित करता है.
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू
एनएचएआई ने परियोजना को रफ्तार देते हुए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है. यह नया 4-लेन मार्ग मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र से शुरू होकर चंदौसी, बहजोई, बबराला और डिबाई से गुजरते हुए सीधे अलीगढ़ तक जाएगा. इसे फिलहाल 4-लेन में विकसित किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में 6-लेन में बदलने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है.
निर्माणाधीन आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद यह कॉरिडोर मुरादाबाद की कनेक्टिविटी को सीधे ताज नगरी से जोड़ते हुए एक नया आयाम देगा, जिससे सुगम यातायात का रास्ता साफ होगा है.
69 गांवों से होकर गुजरेगा नया 4 लेन हाईवे
यह नया कॉरिडोर संभल और गुन्नौर तहसील के लगभग 69 गांवों को कवर करते हुए अपनी राह बनाएगा है. यह हाईवे मुरादाबाद छोर से संभल जिले में पोटा और धूरा गांवों के पास से प्रवेश करेगा. यह मार्ग गुन्नौर तहसील से आगे बढ़कर जिजोड़ा डंडा गांव के पास गंगा नदी को पार करेगा और बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ पहुंचेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा नया कॉरिडोर
इस परियोजना का सबसे रणनीतिक और महत्वपूर्ण पहलू इसका गंगा एक्सप्रेसवे के साथ इंटरचेंज के माध्यम से होने वाला सीधा जुड़ाव है. संभल और बदायूं के समीप गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक होने के बाद, मुरादाबाद और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए मेरठ, हापुड़, लखनऊ और प्रयागराज तक का सफर बेहद सुपरफास्ट हो जाएगा.
इसके अलावा, यह कॉरिडोर अप्रत्यक्ष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को भी मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे संपूर्ण पश्चिमी उत्तर प्रदेश का व्यापारिक एवं व्यक्तिगत आवागमन बेहद सुविधाजनक और तेज हो जाएगा.
पीतल कारोबार को मिल सकती है नई रफ्तार
मुरादाबाद के प्रमुख पीतल कारोबारी का कहना है कि प्रस्तावित 4-लेन हाईवे मुरादाबाद के विश्वप्रसिद्ध पीतल उद्योग, विशेषकर मूर्ति निर्माण कारोबार के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा. क्योंकि वर्तमान में अलीगढ़ में पीतल की कच्ची मूर्तियां तैयार की जाती हैं, जिन्हें फिनिशिंग और तराशने के लिए मुरादाबाद लाया जाता है.
अब तक खराब रास्तों और ट्रैफिक जाम की वजह से अलीगढ़ से मुरादाबाद माल पहुंचने में काफी समय बर्बाद होता था. नए कॉरिडोर के बनने से कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा और अलीगढ़ से कच्ची मूर्तियां ‘ऑन द डे’ मंगाकर उन पर फिनिशिंग का काम तुरंत पूरा किया जा सकेगा है. इससे न केवल उत्पादन चक्र तेज होगा, बल्कि व्यापारियों के लिए समय पर ग्राहकों की मांग पूरी करना बेहद आसान हो जाएगा.