यूपी में एक करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1-1 लाख रुपये! चुनाव से पहले योगी सरकार की बड़ी तैयारी
योगी सरकार करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है. इसके तहत एक करोड़ दीदियों को 1-1 लाख रुपये देने की तैयारी है. यह कुल तीन किस्तों में जारी किया जाएगा. इससे महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू या विस्तार कर सकेंगी.
उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी है. योगी सरकार का फोकस ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और छोटे कारोबार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर है. इसी कड़ी में एक करोड़ समूह की दीदियों को आर्थिक मदद देने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा.
ग्राम्य विकास विभाग की योजना भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई अहम निर्देश दिए. बैठक में उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया. इसके तहत एक करोड़ दीदीयों को 1-1 लाख ब्याजमुक्त क्रेडिट देने का ऐलान है.
तीन किस्तों में मिलेंगे कुल एक लाख रुपये
सरकार की योजना के तहत प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे. यह रकम सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी. योजना के तहत पहली किस्त 20 हजार रुपये दिसंबर में, दूसरी किस्त 30 हजार रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये की होगी. यानी तीन किस्तों में प्रत्येक महिला के खाते में कुल एक लाख रुपये पहुंचेंगे.
समूह की दीदियों को ₹20 हजार की पहली किस्त उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है. ठीक इसी तरह की स्कीम पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी. हालांकि बिहार में जीविका के जरिए महिलाओं को 50-50 हजार रुपए दिए जाने की योजना है. सरकार ने चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को 10-10 हजार रुपए खातों में दिए थे.
डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा
केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में दिया जाए. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को और आसान बनाने पर भी जोर दिया. समूह की प्रशिक्षित दीदियों के जरिए बैंकिंग से जुड़े काम गांव स्तर पर कराने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को उत्तर प्रदेश में जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार बैंक, तकनीकी संस्थाओं, निजी क्षेत्र और स्वयं सहायता समूहों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित कर रही है. आने वाले समय में गांव की दीदियां उद्यमी, उत्पादक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला के रूप में पहचान बनाएंगी.
प्रदेश में 100 महिला शक्ति केंद्र होंगे स्थापित
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा की उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में स्वयं सहायता समूहों की दीदियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. सरकार का प्रयास है कि गांव की महिला अपने हुनर और मेहनत से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करे, बल्कि अपने गांव की अर्थव्यवस्था को भी गति दे.
इसके अलावा प्रदेश में 100 महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने की दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. इन केंद्रों के जरिए महिलाओं को प्रशिक्षण, डिजिटल सेवाएं, वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है.
दीदीयों के लिए आई कार्ड, ई-रिक्शा योजना
साथ ही, डिप्टी सीएम ने कहा कि समूह की दीदियों की आय बढ़ाने के लिए ई-रिक्शा योजना के अंतर्गत 2 लाख तक के उच्च गुणवत्ता वाले वाहनों की ही खरीद पर विचार किया जाए. वाहन की गुणवत्ता, महिला की आय क्षमता, बैंक ऋण सुविधा और सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखते हुए प्रभावी मॉडल तैयार किया जाए.
बैठक में समूह की दीदियों को पहचान एवं सुविधाओं से जोड़ने के लिए आई-कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए. आईडी कार्ड से डिजिटल भुगतान, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री जैसी सुविधाएं मिलेंगी. सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर चुनाव से पहले बड़ा संदेश देने की तैयारी में है.