बरेली में अब ‘सौ फीटा तिराहा’ कहलाएगा शिव नाद चौक! त्रिशूल-डमरू से बदलेगा पूरा लुक
बरेली प्राधिकरण ने सौ फूटा तिराहे को 'शिव नाद चौक' में बदलने की पहल की है. यह नाथ कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है, जहां त्रिशूल-डमरू की भव्य कलाकृति स्थापित होगी. इस पुनर्विकास से यातायात में सुधार, क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी.
बरेली में अब नाथ कॉरिडोर को नया और आकर्षक रूप देने की तैयारी तेज हो गई है. इसी कड़ी में शहर के प्रमुख सौ फूटा तिराहे का भी कायाकल्प किया जाएगा. बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने इस तिराहे को अब शिव नाद चौक के नाम से विकसित करने की योजना तैयार की है, जहां त्रिशूल-डमरू की भव्य कलाकृति स्थापित होंगी.
चौक के बीच बनी रोटरी को खास तरीके से सजाया जाएगा. यहां भगवान शिव से जुड़े त्रिशूल और डमरू की भव्य कलाकृति लगाई जाएगी. इसका उद्देश्य नाथ परंपरा और भगवान शिव से जुड़ी बरेली की धार्मिक पहचान को चौराहे के जरिए सामने लाना है. नए स्वरूप में तैयार होने के बाद यह चौराहा शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है.
जाम से राहत के लिए यातायात व्यवस्था बदलेगी
सौ फूटा तिराहा नाथ कॉरिडोर के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण स्थान है. यहां एक तरफ से आदिनाथ चौक और दूसरी तरफ से त्रिलोकी चौक की ओर जाने वाले रास्ते जुड़ते हैं. इस वजह से दिनभर यहां वाहनों का दबाव बना रहता है. पीक टाइम में यातायात बढ़ने पर कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है.
बीडीए की योजना में सिर्फ चौराहे को सुंदर बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि यातायात को व्यवस्थित करने की व्यवस्था भी की जाएगी. वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि लोगों को जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक से राहत मिल सके.
चौराहे के आसपास हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी. फूल-पौधे लगाए जाएंगे और लैंडस्केपिंग के जरिए पूरे क्षेत्र को आकर्षक बनाया जाएगा. इसके साथ ही बेहतर प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी. रात के समय रोशनी में त्रिशूल और डमरू की कलाकृति चौराहे की खूबसूरती को और बढ़ाएगी.
100 फीट लंबी दीवार भी बनेगी विकास गाथा
शिव नाद चौक की एक और खासियत यहां बनाई जाने वाली करीब 100 फीट लंबी विकास गाथा दीवार होगी. इस दीवार पर बरेली में चल रही और प्रस्तावित प्रमुख विकास परियोजनाओं की तस्वीरें और जानकारी प्रदर्शित की जाएगी. इसमें ग्रेटर बरेली, रामगंगा नगर, सप्त नाथ ईको सिटी, कैनाल फ्रंट और जटायु पार्क जैसी परियोजनाओं को जगह दी जाएगी.
इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को बरेली में हो रहे विकास और पर्यटन से जुड़े कामों की जानकारी भी मिल सकेगी. इसके अलावा सैटेलाइट क्षेत्र से इज्जतनगर बैरियर चौकी तक सड़क के चौड़ीकरण और यातायात सुधार की योजना पर भी काम चल रहा है. बीडीए की ओर से इसका सर्वे और तकनीकी परीक्षण कराया जा चुका है.
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने बताया कि नाथ कॉरिडोर का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ लोगों को बेहतर यातायात व्यवस्था और सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना है. शिव नाद चौक इसी व्यापक योजना का हिस्सा है.