यूपी का नया ‘सुपर कॉरिडोर’: मुरादाबाद-बरेली हाईवे होगा 6-लेन, दिल्ली-लखनऊ सफर होगा तेज
उत्तर प्रदेश में दिल्ली-लखनऊ कॉरिडोर की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए मुरादाबाद-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) को फोर-लेन से सिक्स-लेन बनाया जाएगा. NHAI ने 122 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की DPR को मंजूरी दे दी है. परियोजना के तहत दलपतपुर और धनेता में सिक्स-लेन फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे. हाईवे के विस्तार से मुरादाबाद-बरेली के बीच यात्रा का समय करीब 30 मिनट तक घट सकता है.
उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली-लखनऊ कॉरिडोर पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मुरादाबाद-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) को फोर-लेन से सिक्स-लेन में अपग्रेड करने की तैयारी शुरू हो गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय यानी NHAI ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है.
करीब 122 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के चौड़ीकरण के बाद न सिर्फ दिल्ली से लखनऊ की यात्रा पहले से अधिक तेज और सुरक्षित होगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी नई गति मिलेगी. सरकार का मानना है कि यह परियोजना भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है. यह परियोजना मुरादाबाद से बरेली के बीच संचालित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग का विस्तार है.
122 किलोमीटर का हाईवे बनेगा आधुनिक सुपर कॉरिडोर
हाईवे रामपुर, मिलक, दलपतपुर और धनेता जैसे महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों से होकर गुजरता है. योजना के तहत पूरे मार्ग को छह लेन में विकसित किया जाएगा. इसके अलावा दलपतपुर और धनेता में आधुनिक सिक्स-लेन फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के गुजर सके और जाम की समस्या कम हो. मुरादाबाद-बरेली हाईवे दिल्ली-लखनऊ मार्ग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक माना जाता है.
दिल्ली-लखनऊ सफर होगा और आसान
हाईवे छह लेन होने के बाद मुरादाबाद से बरेली के बीच यात्रा का समय करीब 30 मिनट तक कम हो सकता है. इससे लंबी दूरी के यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों को भी सीधा फायदा मिलेगा. दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई होते हुए लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी.
ट्रैफिक दबाव कम करने की तैयारी
NHAI के आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग पर प्रतिदिन लगभग 35 हजार पीसीयू (Passenger Car Unit) का ट्रैफिक रहता है. सामान्य फोर-लेन हाईवे की क्षमता लगभग 10 हजार पीसीयू होती है. सिक्स-लेन हाईवे लगभग 20 हजार पीसीयू तक ट्रैफिक संभाल सकता है. यानी वर्तमान ट्रैफिक क्षमता पहले ही काफी अधिक हो चुकी है. यही वजह है कि हाईवे के चौड़ीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी.
उद्योग और कारोबार को मिलेगा बड़ा लाभ
मुरादाबाद देशभर में पीतल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है, जबकि बरेली व्यापार और कृषि उत्पादों का बड़ा केंद्र है. हाईवे के चौड़ा होने से दोनों शहरों के बीच माल परिवहन तेज होगा. इस परियोजना से औद्योगिक इकाइयों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी और कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी. इसके साथ ही निर्यात गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और स्थानीय व्यापारियों के साथ परिवहन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा.