मुरादाबाद सड़क हादसा: चलती बस में ड्राइवर बदलने से पलटी डबल डेकर, 80 मजदूर थे सवार
मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक डबल डेकर बस पलटने से बड़ा हादसा हुआ. चलती बस में ड्राइवर बदलने की लापरवाही के कारण नियंत्रण खोया. यह बस 70-80 मजदूरों से खचाखच भरी थी. राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि 20-22 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर देर रात एक भीषण हुआ है. शनिवार की रात करीब 10:15 बजे थाना मूढापांडे के नज़दीक सीतापुर से दिल्ली के टिकरी बॉर्डर जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर सर्विस लेन के पास पलट गई. यह बस पूरी तरह मजदूरों से खचाखच भरी हुई थी, जिन्हें काम के सिलसिले में दिल्ली ले जाया जा रहा था.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. यह बस 70-80 मजदूरों से खचाखच भरी थी. राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि 20-22 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं होई थी, बल्कि चालकों की घोर लापरवाही की वजह से हुई है.
चलती बस में ड्राइवर बदलने से पलटी डबल डेकर
पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) ने हादसे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. बस में सवार यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों से की गई शुरुआती बातचीत में पता चला कि यह हादला चालकों की घोर लापरवाही की वजह से हुई है. बस जब तेज रफ्तार में चल रही थी, तभी बस के दोनों ड्राइवर चलती गाड़ी में ही अपनी सीट (हैंडओवर) बदलने की कोशिश कर रहे थे.
इसी अदला-बदली के दौरान ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार डबल डेकर बस बेकाबू होकर सर्विस लेन के किनारे पलट गई है. पुलिस इस दावे की गंभीरता से जांच कर रही है और ड्राइवरों के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को हादसे का प्राथमिक कारण मान रही है. साथ ही जांच कर रही है कि बस में क्षमता से अधिक लोग किस प्रकार सवार थे.
मजदूरों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा, 22 घायल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ रही डग्गामार और ओवरलोड बसों की पोल खोल दी है. मिली जानकरी के अनुसार, इस डबल डेकर बस में क्षमता से कहीं अधिक 70 से 80 मजदूर सवार थे, जिन्हें ऑन-रोड अवैध तरीके से भरा गया था. सीतापुर से टिकरी बॉर्डर जा रही इस बस में मजदूरों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा गया था.
एसपी सिटी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बताया कि इस हादसे में करीब 20 से 22 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, सभी यात्री खतरे से बाहर हैं. यह बस पूरी तरह मजदूरों से खचाखच भरी हुई थी, जिन्हें काम के सिलसिले में दिल्ली ले जाया जा रहा था. पुलिस ने समय रहते सभी को बस से सुरक्षित निकाला.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों हुई? जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधीक्षक नगर ने कहा कि घायल मजदूरों को इलाज मुहैया कराना पहली प्राथमिकता है, लेकिन साथ ही बस के संचालन और अत्यधिक सवारियां भरने के कानूनी पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है. वहीं, बस को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है. प्रशासन अब जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई है.