मंडप में मुस्लिम हुलिया में पहुंचे थे ससुर जी, देखते ही भड़की दुल्हन; फिर हुआ बड़ा बवाल

बिजनौर में एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त बवाल हो गया जब दूल्हे के पिता मुस्लिम वेशभूषा में मंडप में पहुंचे. दुल्हन ने इसे देख फेरे रोक दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई और पुलिस को बुलाना पड़ा. बाद में पता चला कि पिता 25 साल से इस्लामी रीति-रिवाज मानते आ रहे हैं. पुलिस के हस्तक्षेप और समझौते के बाद शादी संपन्न हुई.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक शादी समारोह के दौरान बड़ा बवाल हुआ. दरअसल यहां शादी समारोह के दौरान मंडप में तमाम रस्में हो रहीं थीं. इसी दौरान दूल्हे के पिता मुस्लिम वेश भूषा में पहुंच गए. चेहरे पर लंबी दाढ़ी, शरीर पर पठानी सूट और सिर पर पठानी साफा देख पहले तो दुल्हन तो सकपकाई, फिर उसने फेरे रोक दिए. इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोंक झोंक हुई. नौबत यहां तक आ गई कि शादी के मंडप में पुलिस बुलानी पड़ी.

मामला बिजनौर के नगीना में कृष्णा बेक्वेट हाल का है. इस नजीबाबाद में महापुरा के रहने वाले दूल्हे अंकुर की बारात आई थी. उसकी शादी नगीना में ही पखनपुर की रहने वाली यवती साक्षी के साथ 23अप्रैल गुरुवार को होनी थी. दुल्हन के घर वालों ने शादी के मंडप में बारात का भव्य स्वागत किया. इसके बाद एक तरफ बारातियों को भोजन शुरू हुआ, वहीं दूसरी ओर शादी की रस्में शुरू कर दी गई. सुबह तीन बजे तक सभी रस्मों को पूरा करने के बाद फेरे होने ही बाकी थे.

फिर हुआ बवाल

इसी दौरान दूल्हे के पिता अनिल चौहान मंडप में पहुंचे. उन्होंने मुस्लिम हुलिया बना रखा था. लंबी दाढी पठानी सूट और पठानी साफा पहने देखकर दुल्हन और उसके परिवार के लोग भड़क गए. ऐन वक्त पर फेरों की रस्म रोक दी गई. इस घटना पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई. बवाल इतना बढ़ा कि दुल्हन पक्ष के लोगों ने शादी छोड़करअपने घर लौट गए. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया. इसके बाद विवाह की रस्मों को पूरा कराया गया.

ये हुआ समझौता

पुलिस की पूछताछ में दूल्हा बने अंकुर ने बताया कि उसके पिता करीब पच्चीस साल से इस्लामी रीति रिवाजों को मानते आ रहे हैं. हालांकि उसका बाकी पूरा परिवार हिंदू है और हिंदू परंपराओं का पालन करता है. उसने बताया कि साक्षी के साथ उसका पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था और फिर दोनों ने अपनी शादी के लिए अपने परिजनों को मना लिया था. वहीं दूल्हे के पिता अनिल चौहान ने बताया कि वह मन से तो मुस्लिम हो चुके हैं, लेकिन सामाजिक तौर पर उन्होंने इस्लाम स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने भरोसा दिया कि उनके परिवार पर इस्लाम स्वीकार करने का कोई दबाव नहीं है.

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