इश्क, जुर्म और एनकाउंटर… मुरादाबाद में कुख्यात मोंटी का खूनी अंत, दर्ज थे 36 मुकदमे
मुरादाबाद में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश मोंटी उर्फ आशु ढेर हो गया. उसके परिवार ने बताया कि 12वीं के बाद वह अपराध की दुनिया में उतरा, पहली हत्या 2010 में की और बाद में उधम सिंह गैंग से जुड़ा. कुख्यात बदमाश पर कुल 36 मुकदमे दर्ज थे. यह गैंगस्टर एक व्यापारी से रंगदारी वसूलने मुरादाबाद आया था.
मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस इलाके में पुलिस ने एनकाउंटर में कुख्यात बदमाश आशु उर्फ मोंटी को मार गिराया. उसके परिवार ने बताया कि मोंटी ने 12वीं के बाद ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. मोंटी का शव लेने मुरादाबाद पहुंचे उसके बड़े भाई अनु चड्ढा ने बताया कि मोंटी ने साल 2010 में गांव के एक झगड़े में पहली हत्या की थी.
आशु उर्फ मोंटी मूल रूप से हापुड़ के मीरपुर कला (थाना हाफिजपुर) का निवासी था, वह मुरादाबाद में एक व्यापारी से 5 करोड़ की रंगदारी वसूलने के इरादे से आया था. इसी दौरान मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीम के साथ इस्लामनगर रोड पर पोस्टमार्टम हाउस के पीछे उसकी मुठभेड़ हो गई, इसमें बदमाश के सीने में तीन गोलियां लगी.
बदमाश ने परिवार को बिना बताए रचाई थी शादी
पुलिस ने गंभीर रुप से घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा, जहां उसने दम तोड़ दिया था. मृतक बदमाश के भाई ने बताया कि 2010 में पहली हत्या को अंजाम देने के बाद वह हापुड़ में रहने लगा था, जेल से बाहर आने के बाद आशु का चाल-चलन पूरी तरह बदल चुका था, उससे मिलने अक्सर अपराधी किस्म के लोग गांव आने लगे थे.
परिवार वालों ने जब उसकी इन गतिविधियों का कड़ा विरोध किया और उसे सुधारने की कोशिश की, तो उसने अपना पैतृक गांव ही छोड़ दिया था, इसके बाद वह गाजियाबाद में छिपकर रहने लगा था. एक साल पहले उसने परिवार को बिना बताए रायबरेली की रहने वाली एक युवती से विवाह किया था, जिसके बाद से उसने गांव से नाता पूरी तरह तोड़ लिया था.
पश्चिमी यूपी में दहशत का पर्याय, उधम सिंह गैंग से नाता
आशु चड्ढा का आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला है, हत्या के मामले में 2010 में जेल जाने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई थी. इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का पर्याय बन गया है. आशु पर हत्या, लूट और रंगदारी जैसे संगीन धाराओं में कुल 36 मुकदमे दर्ज थे.
