मुरादाबाद में नरभक्षी की दहशत, एक झपट्टे में ले ली महिला की जान; अब तक 3 लोगों की मौत से भड़के ग्रामीण
मुरादाबाद में नरभक्षी तेंदुए का आतंक जारी है, जिसने फिर एक महिला की जान ले ली है. इस हमले के साथ अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी गुस्सा है. वे वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. पुलिस और प्रशासन को भी लोगों के इस विरोध का सामना करना पड़ा है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में नरभक्षी तेंदुए की दहशत बदस्तूर कायम है. इस बार इस नरभक्षी तेंदुए ने ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के बहापुर बलिया गांव में रहने वाली 50 वर्षीया महिला मिथलेश का शिकार किया है. हादसे के वक्त मिथलेश अपने पति और अन्य ग्रामीणों के साथ खेत में धान की निराई कर ही थी. अचानक तेंदुए ने इनके ऊपर हमला किया और एक ही झपट्टे में उनकी जान ले ली. इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी नरभक्षी तेंदुए ने दो महिलाओं का शिकार किया है. वहीं तेंदुए के हमले मकं एक दर्जन से अधिक लोग घायल भी हो चुके हैं. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं. बावजूद इसके, वनविभाग केवल आश्वासन दिए जा रहा है.
पुलिस और प्रशासन पर फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं, हालांकि इन टीमों को भी परिजनों और ग्रामीणों के भारी विरोध व नाराजगी का सामना करना पड़ा. फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक तेंदुओं को पकड़ने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 9 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है और निगरानी के लिए 21 पिंजरे, ट्रैंक्विलाइज़र गन, कैमरे तथा ड्रोन की मदद ली जा रही है.
ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
इस मौके पर ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए. उनका कहना है कि अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं. इसकी वजह से इनके पिंजरों में तेंदुए तो आ नहीं रहे, उनकी जगह आवारा कुत्ते कैद हो जा रहे हैं. ऐसे हालात में क्षेत्र के लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. किसान खेतों में जाने और मवेशियों के लिए चारा लाने से भी कतरा रहे हैं. इधर, वन विभाग ने फिर नए सिरे से पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है.