मुरादाबाद: 1.5M सब्सक्राइबर वाली डॉक्टर के अस्पताल में नवजात की मौत, परिवार ने काटा बवाल
मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. 'नॉर्मल डिलीवरी' का झूठा दावा कर घंटों देरी की गई, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी. यह घटना सोशल मीडिया पर सक्रिय BUMS डिग्रीधारक डॉक्टर जुवेरिया से जुड़ी है.
मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर 1.5M सब्सक्राइबर और ‘नॉर्मल डिलीवरी’ का झूठा झांसा दिया गया. इलाज के दौरान घंटों देरी की गई, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी. यह घटना BUMS डिग्रीधारक डॉक्टर जुवेरिया से जुड़ी है.
दरअसल, मासूम बच्चे की मौत की घटना मझोला थाना इलाके के एक निजी अस्पताल की है, जहां नानकार निवासी कपिल ने अपनी गर्भवती पत्नी को भर्ती कराया था. परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा, वे पिछले नौ महीनों से इसी डॉक्टर के संपर्क में थे और उन्हें लगातार आश्वस्त किया गया था कि प्रसव सामान्य होगा, अब इसकी कीमत मासूम की जान देकर चुकाना पड़ा.
पीड़ित कपिल ने बताया कि प्रसव का समय आने पर मरीज को सुबह 6:00 बजे ही अस्पताल ले जाया गया था, शाम 4:00 बजे तक डॉक्टर जुवेरिया और उनके स्टाफ ने यह कहकर परिजनों को रोके रखा कि डिलीवरी सामान्य तरीके से ही होगी. इस दौरान कथित तौर पर बच्चे पर अनुचित शारीरिक दबाव बनाया गया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी.
जब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई, तब डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए और आनन-फानन में ऑपरेशन की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया था. दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि प्रसव के दौरान की गई ‘छेड़खानी’ और अनावश्यक दबाव के कारण बच्चे के फेफड़े, श्वसन नली और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा था.
महिला डॉक्टर जुवेरिया, सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता और बड़ी पहचान रखती हैं. आरोप है कि बीयूएमएस (BUMS) डिग्री धारक होने के बावजूद डॉक्टर ने अपनी विशेषज्ञता से बाहर जाकर जटिल स्थिति को संभालने की कोशिश की, जिसका परिणाम एक मासूम की जान देकर चुकाना पड़ा है. इस घटना से ‘सेलिब्रिटी डॉक्टरों’ पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.
इस मामले ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है, बल्कि उन ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ डॉक्टरों की साख पर भी सवाल उठाए हैं जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तो अपनी चमक-धमक दिखाते हैं, लेकिन धरातल पर उनकी लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. घटना के बाद से इलाके में अस्पताल को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है.
मुरादाबाद में अस्पताल में मासूम बच्चे की मां चर्चा का विषय बना हुआ है. फिलहाल यह बात स्पष्ट तभी हो पाएगी आखिर बच्चों की मौत कैसे हुई है, जब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारी संज्ञा लेकर जांच करते हैं. हम डॉक्टर के यहां मासूम बच्चे की मौत के मामले में पुष्टि नहीं करते हैं, फिलहाल जांच के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा.